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देवरी. कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या व प्रतिबंधित क्षेत्र को लेकर नागरिक असमंजस में है. एक ओर किसी प्रभाग में एक मरीज संक्रमित पाया जाता है तो उस पूरे प्रभाग को कंटेनमेंट जोन घोषित कर प्रभाग की 3 बार गलियां सील की जाती है. दूसरी ओर एक घर में 5 लोग संक्रमित पाए जाने पर केवल उनका ही घर सील किया जाता है. बाकि पड़ोस की दूकानें व प्रभाग के लोगों को घूमने की अनुमति दी जाती है. इस प्रशासनिक नीति के चलते नागरिकों में रोष व्याप्त है.

बताया गया कि शहर में पहली कोरोना संक्रमित महिला प्रभाग 8 में पाई गई थी. संपूर्ण प्रभाग को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था. क्षेत्र से बाहर निकलने वालों पर 5 हजार रुपये का जुर्माने का फरमान प्रशासन ने जारी किया था. प्रभाग 16 को भी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया. जहां के एक व्यापारी से नपं की ओर से 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया.

प्रभाग 7 के भी एक व्यापारी ने 5 हजार रुपये का जुर्माना भरा. प्रभाग 7 में 3 लोग संक्रमित होने से प्रभाग को सील किया. जबकि प्रभाग 2 में एक मरीज 11 अगस्त की सुबह संक्रमित पाया गया तो उसके घर को अब तक प्रतिबंधित नहीं किया गया. प्रतिबंधित क्षेत्र के लोगों को 14 दिनों तक घरों में ही कैद किया गया है. कार्रवाई के डरी से लोग अपनी दूकानें तक नहीं खोल पा रहे हैं. विशेष बात यह है कि उपविभागीय अधिकारी कंटेनमेंट जोन का आदेश पारित कर रहे है, किंतु उस पर अमल हो रहा है या नही इसे भी देखना जरूरी है.