Corona cases in the country were 26.47 lakh, death toll crossed 50 thousand

  • संक्रमण रोकने उठाया कदम

गोंदिया. कोरोना का संक्रमण बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है. इसका प्रभाव अब शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है, किंतु जांच कम हो रही थी, वहीं अब रैपिड एंटीजन किट आ जाने से जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है. जिले के 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच शुरू कर दी गई है. 30 जुलाई से ही गोंदिया जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना की जांच शुरू हो गई है. जिले से लग कर छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश राज्य की सीमा है. इसके साथ ही राष्ट्रीय महामार्ग होने से इस मार्ग पर शुरू भारी यातायात से कोरोना का प्रभाव बढ़ रहा है. कोरोना पाजिटिव मरीज के लक्षण दिखाई नहीं देने के कई उदाहरण है. जिससे उनकी जांच भी नहीं की जा रही थी.

परिणाम स्वरुप कोरोना का प्रभाव सतत बढ़ते जा रहा है. कोरोना का प्रभाव रोकने अब रैपिड एंटीडन किट के माध्यम से जिले के हर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कोरोना की जांच की जा रही है. आमगांव तहसील अंतर्गत बनगांव की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इस जांच की शुरुआत की गई है. इसमें प्रभारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. नितिन कापसे, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. भूमेश्वर पटले के मार्गदर्शन में कोरोना नमूनों की जांच की शुरुआत की गई. 

बनगांव में दोपहर बाद जांच
वैद्यकीय अधिकारी डा.ताम्रध्वज नागपुरे ने प्रथम दिन लक्षण वाले व बिना लक्षण वाली गर्भवती महिला, ज्येष्ठ नागरिक व उच्च रक्तचाप, मधुमेह बीमारी वाले 7 मरीजों की कोरोना जांच की है. बनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हर दिन दोपहर 12 बजे के बाद जांच की जा रही है. कोरोना से बचाव करने जल्द जांच करना  आवश्यक है. मरीज मिलने के बाद उस पर तत्काल उपचार करने से जान बचना संभव है. समाज में प्रसार होने से बचाया जा सकता है. लक्षण दिखाई देने पर लोगों को स्वयं होकर सामने आकर जांच कराना जरूरी है. 

नियमों का पालन करें : नागपुरे
इस संबंध में नागपुरे ने बताया कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, सुरक्षित अंतर रखे, हाथों की धुलाई बार-बार करें, साबुन से हाथ धोए, मुंह पर मास्क लगाए, कोरोना प्रभावितों के साथ असभ्य व्यवहार न करें, प्रशासन द्वारा दिए गए सूचनाओं का समय-समय पर पालन करें, कोरोना को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए जरूरत पडऩे पर ही घर से बाहर निकले, लक्षण दिखाई देने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल संपर्क करें.