Water Crisis in Kolam

    गोरेगांव. तहसील में इन दिनों महावितरण द्वारा विद्युत बिलों की बकाया वसूली को लेकर ग्रामों के नल योजना के विद्युत कनेक्शन खंडित करने का काम किया जा रहा है जिसके कारण ग्रामों में पेयजल जैसी समस्या निर्माण होने लगी है. यहां ऐसे में सरपंच संगठन ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया है व अब तक खंडित किए गए विद्युत कनेक्शनों को पुनः जोड़ने की मांग की है. 

    उल्लेखनीय है कि पिछले 2 वर्षों से कोरोना महामारी के चलते सभी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. महीनों के लॉकडाउन से यहां सर्वसाधारण नागरिक को परिवारों के पालन पोषण पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है. ऐसे संकट की परिस्थिति में ग्राम पंचायतों में पानी पट्टी, पथदीप व घर टैक्स आदि भरने जैसी स्थिति नागरिकों की  नहीं है. टैक्स वसूली न होने पर यहां अधिकतर ग्राम पंचायतों के बैंक खाते खाली हो चुके हैं. ऐसी स्थिति में महावितरण का नल योजना के विद्युत बिलों का तत्काल भुगतान करना इस समय मुमकिन नहीं है तथा इस तरह स्थिति को दरकिनार करते हुए वसूली के चलते तहसील के 4 ग्राम पंचायतों के नल योजना के विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं जिसमें ग्राम सोनी, निंबा, नोनीटोला, तिल्ली मोहगांव जैसे गांव शामिल हैं.

    इस विषय को लेकर गोरेगांव पंचायत समिति गट विकास अधिकारी झामसिंग टेंभरे द्वारा महावितरण के कार्यकारी अभियंता शरद वानखेडे को पत्र द्वारा ग्रामों के नल योजना के विद्युत कनेक्शन खंडित करने पर रोक लगाने की मांग की है. लेकिन यह मांग गोंदिया कार्यालय में ठंडे बस्ते में डाल दी गई है. ऐसे में ग्रामों में नल योजना के विद्युत कनेक्शन खंडित करने का कार्य अभी भी जारी है. 

    पानी के लिए नागरिकों को भटकना पड़ रहा 

    इस बीच तेढा उपकेंद्र द्वारा विद्युत बिलों की वसूली को लेकर तहसील के ग्राम सोनी, निंबा, नोनीटोला, तिल्ली मोहगांव इन सभी ग्रामों में नल योजना के विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं व  इन सभी ग्रामों में पेयजल जैसी समस्या निर्माण हो गई है. पिछले कुछ दिनों से यहां ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है. ऐसे संकटकालीन परिस्थिति में भी ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन का ध्यान नहीं है. जिसके चलते तहसील सरपंच संगठन सचिव तेजेंद्र हरिनखेडे ने खंडित किए गए ग्रामों के नल योजना के विद्युत कनेक्शन पुनः जोड़ने की मांग करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी है.