Representational Pic
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    गोंदिया. जिले में रबी मौसम की धान खरीदी में कशमकश शुरू है. आगामी 31 जुलाई तक धान की खरीदी होगी. इसके लिए किसानों ने आनलाइन पंजीयन किया है लेकिन अब भी धान किसानों के घर पर पडा है. केंद्र से सूचना मिलने पर धान केंद्रों पर ले जाने की शुरूआत होती है. इसमें गिनती के दिन रह जाने पर अचानक बारदाना समाप्त होने से भारी शोर मच गया है. केंद्रों पर बारदाने का अभाव की स्थिति निर्माण हो गई है. जिससे किसानों को स्वयं के बारदाना में धान ले जाने के अलावा दूसरा पर्याय नहीं है. किसानों पर चारों ओर से संकट है. 

    31 जुलाई तक अवधि

    किसानों को 31 जुलाई तक धान खरीदी अवधि की जानकारी है. वहीं अब भी जिले में हजारों किसानों के घर पर रबी मौसम का धान पड़ा है. शासकीय हमीभाव धान खरीदी केंद्रों से सूचना मिलने की प्रतीक्षा किसान कर रहे है. इसी में संबंधित यंत्रणा को किसानों के धान खरीदी करने के लिए पर्याप्त प्रमाण में बारदाने की व्यवस्था करा देना जरूरी है. गारंटी भाव धान खरीदी केंद्र शुरू है, लेकिन उन केंद्रों पर खाली बारदाने पिछले कुछ दिनों से उपलब्ध नहीं है. जिससे मजबूरी में किसानों को बारदाने की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ रही है. इस ओर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है. 

    वजन कर लाने का फरमान 

    घर पर पड़े धान की गिनती होगी क्या? इस विवेचना में किसान पड़ गए हैं. आर्थिक भार उठाकर बारदाने का जुगाड़ करना पड़ रहा है. इसी बीच तुम्हारा बारदाना, धान व वजन भी धरमकांटे से करा लाने के फरमान से किसानों की चिंता बढ़ गई है. बारदाना भी वापस नहीं मिलेगा.

    ऐन खरीफ मौसम की बुआई प्रक्रिया के बीच किसानों को धान गारंटी भाव केंद्रों पर गिनती के लिए लाने मजबूर होना पड़ रहा है. स्वयं उत्पादित करने वाले रबी मौसम के धान बिक्री के लिए किसान को दर-दर भटकना पड़ रहा है. केंद्र शुरू है, लेकिन बारदाना नहीं ऐसी अवस्था में संपूर्ण जिले में होने के बाद भी जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है.