Pichkari
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    गोंदिया. इस बार होली का बाजार पूरी तरह से बदल गया है. आमतौर पर होली के एक महीने पहले ही उत्सव की सामग्री की दूकानें सज जाती थी, लेकिन इस बार अभी तक बाजार में कई जगहों पर दूकानें नहीं खुली हैं. पुराने कारोबारी जिनकी थोक व स्थायी दूकानें हैं केवल उन्हीं दूकानों पर होली के सामान बिक रहे हैं.

    50 प्रतिशत से कम कारोबार

    बाजार से चाइनीज पिचकारियां और फैंसी आइटम गायब हैं. होली में इस बार पिचकारी की आवक और बिक्री 60 प्रश. तक गिर गई है. कोरोना की वजह से लोग पिचकारियों से होली खेलने में बच रहे है. पिचकारी के साथ ही रंग-गुलाल की बिक्री भी आधी हो गई है. होली के दो हफ्ते में लाखों रुपए का रंग-गुलाल बिकता था, लेकिन इस बार बाहरी जिलों और दूसरे राज्यों के शहरों में भी गुलाल की सप्लाई नहीं होने के कारण कारोबार 50 प्रश से भी कम हो गया है. एक जानकारी के अनुसार कोरोना के पहले सामान्य दिनों में होली की सामग्री का बड़ा  कारोबार होता था. इसमें बड़े पैमाने पर चाइनीज आइटम के होते थे, जो बाहर से मंगाए जाते थे, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यह काफी घट गया है. 

    महंगाई की भी मार

    एक जानकारी के अनुसार आमतौर पर होली के लिए नया स्टाक जनवरी में आ जाता था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण स्थिति बिगड़ी है, इसलिए चाइनीज आयटम के आर्डर ही नहीं दिए गए हैं. पहले कारोबारी होली के कुछ महीने पहले ही पिचकारी, खाद्य सामग्री आदि आइटम की बुकिंग करवा लेते थे. इसके लिए एडवांस रकम भी दी जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है और बाजार से चाइनीज पिचकारी, स्प्रिंकलर्स, बैलून आदि गायब हैं. चीनी आयटम में कस्टम ड‍्यूटी बढ़ने की वजह से इनकी कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. इस वजह से भी लोग इसकी खरीदी से बच रहे हैं.

    सख्ती में कोई कोताही नहीं : थानेदार बनसोड़े 

    शहर थानेदार महेश बनसोड़े ने कहा कि होली पर्व को देखते हुए पुलिस ने शहर में गश्त बढ़ा दी है. असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है, कोरोना संक्रमण के कारण वैसे भी होली पर्व को लेकर पहले की तरह बाजारों से रौनक गायब है. प्रशासन द्वारा इस दौरान सख्ती बरती जा रही है, कोई अप्रिय घटना न हो, पूरा पर्व सौहार्द व शांति के साथ संपन्न हो इस पर पुलिस प्रशासन ने अपना ध्यान केंद्रित कर रखा है और सख्ती बरतने में कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है.