Itwari Market
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गोंदिया. कोरोना के चलते पिछले 7 महीने से बाजार का व्यापार पूर्ण रूप से ठप पड़ा था, किंतु अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार रही है. जिला मुख्यालय के कपड़ा बाजार में ग्राहकों की चहल पहल बढ़ गई है. जिससे बाजार में रौनक दिखाई देने लगी है. दिवाली को अब ज्यादा समय नहीं है. जिससे बाजार में बड़ी संख्या में खरीददारी हो रही है. जिला मुख्यालय कपड़े के बाजार के लिए प्रसिद्ध है.

जिले सहित बड़ी संख्या में निकटवर्ती इलाकों के लोग खरीदी के लिए आते हैं. इस बार कोरोना के प्रभाव से लॉकडाउन किया गया था. जिससे बाजार बंद पड़े थे. शादी-विवाह और महत्वपूर्ण त्योहार कोरोना के बीच सादगी से मनाए गए है. वहीं अब स्थिति पूर्ववत होते जा रही है. दिवाली के पूर्व ही कपड़ा बाजार ग्राहकों की भीड़ से है. इसमें छोटे बच्चे, युवा व महिलाओं के कपड़ों की मांग सबसे अधिक है. इसी तरह कुछ विक्रेताओं ने कपड़ों की बिक्री पर कुछ प्रश का डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है.

हर दिन डेढ़ करोड़ का कारोबार

इस संबंध में कपड़ा एसो. के सचिव रमेश टहल्यानी ने बताया कि इस बार कोरोना से कपड़ा व्यवसायियों का 50 प्रश नुकसान हुआ है. अब व्यापार लाइन पर आ रहा है. विजया दशमी व दिवाली त्योहार को देखते हुए ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है. बाजार में फिलहाल डेढ़ से दो करोड़ रुपये की खरीदी-बिक्री हो रही है. जिला मुख्यालय के बाजार में अनेक नामी व प्रसिध्द प्रतिष्ठान है. 

इलेक्ट्रानिक व्यवसाय में रौनक

इलेक्ट्रानिक व्यवसाय के विषय में गोंदिया के बाजार की बहुत चर्चा होती है और कहा जाता है कि मुंबई बाजार में जो कुछ मिलता है वह सब आसानी से ग्राहकों को उपलब्ध करा दिया जाता है. इस संदर्भ में स्मग्लिंग के तहत जिन चीजों को उल्लेख होता है वे मुंबई के ही रेट में आसानी से मिल जाती है. इलेक्ट्रानिक की हर वैराइटी  उपलब्ध है और कहा तो तक जाता है कि ऐसी कोई सी चीज है जो न मिले. चाइना वाली आइटम चीन विवाद के बाद हालांकि खुलेआम आसानी से नहीं बिक रही है फिर भी जब जिसे जितनी चाहिए उसकी पूर्ति होने में कोई दिक्कत नहीं है. इलेक्ट्रानिक व्यवसाय के एक दिग्गज ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जिन दिक्कतों का इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को सामना करना पड़ा है उसका शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. अब भगवान की कृपा से संभवत: शायद सब ठीक हो सकेगा.