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  • उपसचिव के पत्र के बाद मची खलबली

गोरेगांव. अप्रैल 2020 की अवधि में समाप्त होने वाली व नए से स्थापित होने वाली ग्रापं के चुनाव कार्यक्रम घोषित किए गए है. जिसमें वार्ड निहाय आरक्षण भी घोषित किए गए हैं, किंतु सरपंच पद का आरक्षण 15 जनवरी के बाद घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग ने जिलाधीश को भेजा है. जिससे संभावित उम्मीदवारों में असंतोष व्याप्त हो गया. तत्काल सरपंच पद का आरक्षण घोषित करें. ऐसी मांग पूर्व सभापति दिलीप चौधरी ने चुनाव आयोग से की है.

संभावित उम्मीदवारों में अंसतोष

तहसील में 25 गट ग्रापं है. जिसमें खाड़ीपार, चिचगांव, मेंगाटोला, तिल्ली, सहारवानी, सोनी, हीराटोला, कालीमाटी, तेलनखेडी, आसलपानी, बोरगांव, सोनेगांव, चिल्हाटी, म्हसगांव, गोंदेखारी, हीरापुर, मलपुरी, तुमसर, तेढ़ा, गिधाडी, चोपा, कवलेवाड़ा, पाथरी, मोहगांव (बु.), घोटी के चुनाव आयोग की ओर से घोषित कर 15 जनवरी को मतदान होना है, किंतु अब तक सरपंच पद का आरक्षण घोषित नहीं हुआ है. वह 15 जनवरी के बाद घोषित किया जाएगा ऐसा पत्र महाराष्ट्र शासन के उप सचिव एल.एस.माडी ने राज्य चुनाव आयोग के माध्यम से 11 दिसंबर को जिलाधीश को भेजा है.

जिससे सरपंच पद का आरक्षण घोषित नहीं किया गया. ग्रापं चुनाव में राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार चुनाव में भाग लेते है जिससे ग्राम विकास के लिए पूरे जोश के साथ प्रचार किया जाता है व चुनाव खर्च भी उम्मीदवार करता है किंतु सरपंच पद का आरक्षण घोषित नहीं किए जाने से उम्मीदवारी किसे देनी चाहिए और किसे नहीं यह असमंजस राजनीतिक दलों के सामने निर्मित हो गया.