प्रतीकात्मक तस्वीर
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    गोंदिया. जिले में पिछले डेढ़ वर्ष से कोरोना प्रभाव के चलते शाला-महाविद्यालय सभी बंद हैं और आनलाइन शिक्षण शुरू है. इस बार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है. लेकिन अब तक विद्यार्थियों ने शाला में हाजिरी नहीं लगाई है. आनलाइन के भरोसे शालाओं का कारोबार शुरू है. वहीं अब कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में  है.

    जिससे आगामी 15 जुलाई से कक्षा 8वीं से 12वीं तक कक्षा शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इसमें भी कोरोना मुक्त गांवों को प्राथमिकता दी गई है. इतना ही नहीं शाला शुरू करने के लिए शालाओं का प्रस्ताव  और पालकों से सहमति पत्र मिलने के बाद शाला शुरू की जाएगी. इसके लिए गांव स्तर पर सरपंच, ग्रामसेवक, शाला व्यवस्थापन समिति अध्यक्ष, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी व मुख्याध्यापक का समावेश वाली  समिति गठित की गई है.

    इसके माध्यम से गांव स्तर पर निर्णय लेकर  प्रस्ताव जिप शिक्षण विभाग को भेजा जाएगा. इसके बाद 15 जुलाई से कक्षा 8वीं से 12वीं तक कक्षा शुरू की जाएगी. इसके लिए जिप शिक्षण विभाग ने तैयारी शुरू की है. 

    जिप के 1039 स्कूल सज्ज

    नए शैक्षणिक सत्र की 28 जून से शुरुआत हो गई है. इसी तर्ज पर सभी शाला शुरू करने के लिए सज्ज कर रखी गई थी. कक्षा 8वीं से 12वीं तक कक्षा 15 जुलाई से शुरू होगी. इसके लिए 1039 शालाओं में सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गई है. इसमें शाला परिसर, कक्षाओं की सफाई और रंगरोगन भी किया गया है. इसी तरह कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर आवश्यक उपाय योजना भी की गई है. 

    अब तक 20 ग्रापं का प्रस्ताव 

    जिले में कोरोना संक्रमण पूर्णत: नियंत्रण में है. तिरोड़ा तहसील पूर्ण रूप से कोरोना मुक्त है. वहीं अन्य 7 तहसीलों में 4 से 5 मरीज है. डेढ़ वर्षों से शाला बंद होने से विद्यार्थियों सहित पालकों की चिंता बढ़ गई है. जिससे अब शिक्षण विभाग ने शाला शुरू करने का निर्णय लिया है. इसी श्रृंखला में जिले की 20 ग्रापं ने शाला शुरू करने संबंधी प्रस्ताव मंजूर कर शिक्षण विभाग को भेजा है. 

    पालकों ने दी सहमति

    पालक देवीदास उमक के अनुसार पिछले डेढ़ वर्ष से शाला बंद होने से आनलाइन शिक्षण शुरू है. इससे विद्यार्थी शिक्षा से दूर हो रहे हैं. घर के घर में रहकर बच्चों में चिडचिड़ापन बढ़ गया है. वहीं अब कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में आ गया है. शाला शुरू होने पर हम भी पाल्यों को शाला में भेजेंगे.

    इसी तरह ही प्रतिक्रिया संगीता गुप्ता ने व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में अब कोरोना समाप्त हो गया है. सभी व्यवहार भी शुरू हो गए है. जिससे कोरोना प्रतिबंधात्मक नियमों का पालन कर और उचित कदम उठाकर शाला शुरू करने में कोई आपत्ती नहीं है. जिससे शाला शुरू होने पर पाल्यों को शाला में भेजेंगे. 

    शालाओं की शुरुआत से पहले बनाई समिति 

    शिक्षणाधिकारी राजकुमार हिवारे के अनुसार 15 जुलाई से 8वीं से 12वीं की कक्षा आफलाइन शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए ग्रापं से प्रस्ताव और पालकों की एनओसी मंगाई जा रही है. इसके लिए एक समिति भी तैयार की गई है. इस समिति के माध्यम से प्रस्ताव  प्राप्त होने के बाद शाला शुरू की जाएगी.

    उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 1629 शालाएं हैं. इसमें जिप की 1039, अनुदानित 345 व कायम बिना अनुदानित 245 का समावेश है. इसी तरह 936 गांव है.