Dhaan Tulai
File Photo

गोंदिया. तहसील के निजी धान खरीदी केंद्रों पर कम भाव से किसानों से धान की खरीदी की जा रही है. वजन व कांटे में भी गड़बड़ की जा रही है. इस ओर संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा है. किसानों को उत्पादन की तुलना में आधा ही भाव मिल रहा है. इसके बाद अब धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है.

अवैध धान खरीदी केंद्रों पर कार्रवाई की मांग किसानों ने की है. शासकीय धान खरीदी केंद्रों का शुभारंभ किया गया, किंतु खरीदी शुरू नहीं की गई है. यहीं स्थिति गोंदिया में हैं. जरूरतमंद किसानों को निजी व्यापारियों के पास काफी कम दाम में अपने धान की बिक्री करनी पड़ रही है.

कम दाम में की जा रही खरीदी

तहसील के मोगर्रा, गर्रा, शिरपुर, चारगांव में निजी धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए है. निर्धारित भाव से कम में निजी व्यापारियों की ओर से धान की खरीदी की जा रही है. उसमें भी गड़बड़ी की जा रही है. किसानों का उत्पादन खर्च निकलना भी मुश्किल हो रहा है. मुरपार रजेगांव के किसानों के अनुसार निजी व्यापारी 14 से 15 रुपये किलो भाव से धान की खरीदी कर रहे हैं. बहुत से केंद्रों पर वजन के दौरान 5 किलो धान की हेराफरी हो रही है. निजी व्यापारियों द्वारा की जा रही लूट रोकने तत्काल समर्थन मूल्य धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग की जा रही है.