आतंक मचाने वाला फरार, नक्सली 10 वर्षों बाद गिरफ्तार

गोंदिया. जिले में एक दशक पूर्व नक्सल आंदोलन की अगुवाई कर आतंक का पर्याय बन चुके रमेश उर्फ हिडमा मडावी (45) को छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा से गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है. इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी ने  बताया कि रमेश मडावी पर महाराष्ट्र शासन ने 12 लाख रु. का ईनाम रखा था.   मडावी यह सन 1998-99 में 

नक्सल दलम में भर्ती हुआ था. इसके बाद उसने देवरी दलम में एसीएम तथा एलओएस कमांडर के रुप में रहते उसने चिचगड़ पुलिस थाने के तहत मगरडोह में पुलिस दल पर हमला किया था. इसी तरह चिचगड़ क्षेत्र में हत्या, ग्रामीणों  पर हमले, सार्वजनिक संपत्ती का नुकसान सहित 13 मामले दर्ज हैं.  पुलिस उप निरीक्षक अभयसिंह शिंदे व सी 60 जवानों का दल तैयार कर  मडावी को पकडऩे के लिए सुकमा रवाना किया गया था. जहां उसे सुकमा पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर 11 नवंबर को जिला अपर व सत्र न्यायालय में आरोपी को प्रस्तुत किया गया. जहां उसे  16 नवंबर तक पुलिस हिरासत दी गई है. पुलिस ने अब कथित नक्सली से पुरानी घटनाओं की जांच शुरु कर दी है. उल्लेखनीय है कि  मडावी ने महिला 

नक्सली के साथ विवाह किया था लेकिन उसकी मृत्यु हो गई. इस घटना के बाद उसका मन परिवर्तन हो गया व वह सुकमा जाकर सादा जीवन जीने लगा था. उक्त कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे , अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी व एसडीपीओ जालिंदर नालकुल के मार्गदर्शन में की गई.