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  • बिलों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित
  • जिला शल्य चिकित्सक होंगे समिति के अध्यक्ष

गोंदिया. कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए जिले में निजी अस्पतालों को अनुमति दी गई है, लेकिन इन अस्पतालों द्वारा मरीजों से मनमाने बिल वसूले न जाए, इसलिए अस्पताल के बिलों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है. समिति को शिकायत मिलते ही 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट नोडल अधिकारी व अपर जिलाधीश राजेश खवले को सौंपी जाएगी.

कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए जिले में निजी अस्पतालों को अनुमति दी गई है. साथ ही निजी अस्पतालों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों के हिसाब से ही मरीज का उपचार करने के लिए कहा गया है. मरीज पर किए गए उपचार व उपयोग में लाई गई औषधियों के बिल उन्हें देने होंगे, जिस पर नियंत्रण रखने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति के अध्यक्ष जिला शल्य चिकित्सक होंगे. सदस्यों के रूप में समिति में जिला स्वास्थ्य अधिकारी व मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी को शामिल किया गया है. 

मरीजों को मिलेगी राहत

नोडल अधिकारी व सभी अस्पतालों के लिए संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है. किसी अस्पताल द्वारा दिए गए बिन नियमबाह्य होने की शिकायत प्राप्त होने पर अस्पताल के बिलों की लेखा व चिकित्सा विषयक जांच होनी आवश्यक है. इसे ध्यान में रखते हुए जिन मामलों की शिकायत प्राप्त होगी उनके बिलों की जांच समिति द्वारा की जाएगी. नियमबाह्य बिलों की शिकायत प्राप्त होते ही समिति द्वारा चिकित्सकीय व लेखा विषयक जांच कर 24 घंटे के अंदर उसकी रिपोर्ट नोडल अधिकारी व अपर जिलाधीश राजेश खवले को सौंपी जाएगी. उक्त रिपोर्ट पर सुनवाई कर अपर जिलाधीश अपनी अंतिम रिपोर्ट जिलाधीश को पेश करेंगे. इसके आधार पर अंतिम कार्रवाई की जाएगी. इससे कोरोना पीड़ित मरीजों व उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी.