आसमान से बारिश की आस, कम वर्षा से चिंता में जिले के किसान

    गोंदिया. कभी धूप, कभी छांव के खेल से हर कोई परेशान हो गया है. जिसमें सबसे अधिक परेशान किसान वर्ग हो गया है. मानसून के दस्तक देते ही किसानों ने खेती में बुआई कर डाली. हर साल की तरह इस साल भी उम्मीद जगाकर बारिश गायब होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. ऐसे में मानसून का अब कोई भरोसा नहीं रहने से सरकार ने किसानों के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को लाकर इन संसाधनों में वृद्धि करने की आवश्यकता है.

    अधिक से अधिक किसानों को सूक्ष्म सिंचाई साधनों की उपलब्धता सरकार की ओर से जल्द से जल्द होनी चाहिए जिसके चलते किसानों को मौसम पर अधिक निर्भर न रहना पड़े. वर्तमान में खेती उपयोगी नए साधनों में जैसे रेन पाइप और ठिंबक सिंचाई का अच्छा उपयोग किया जा सकता है. जरूरत है इसे अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने और इसकी जनजागृति करने की. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक सक्रिय हवाओं के साथ मानसून की बारिश सक्रिय रहेगी. समय पर अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों के उत्पादन में कमी आने की संभावना है. 

    अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार

    जिले के किसान जोरदार बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि मौसम विभाग ने इस साल भारी बारिश की संभावना जताई थी. मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अभी तक वैसी दमदार बारिश नहीं हुई. बावजूद इसके समय निकलता देख क्षेत्र में अधिकांश किसानों ने खेतों में बुआई कर दी है.

    वहीं जल्दबाजी करने वाले किसान अब परेशान हैं. मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र के किसानों ने गर्मी में अपने खेतों में काम पूरे कर लिए. क्षेत्र में अच्छी बारिश की आस से किसानों ने बुआई शुरू कर दी. अब पूर्वानुमान के विपरीत बारिश गायब हो गई है. नतीजतन जिन किसानों ने बुआई कर दी वे फसलों को लेकर और जिन किसानों ने अभी बुआई नहीं की वे बारिश को लेकर चिंतित हैं.

    कृषि प्रधान देश भारत में इन दिनों किसानों की हालत ज्यादा खराब है. हर साल की तरह इस साल भी किसानों की स्थिति कुछ अच्छी नहीं है. मानसून ने दस्तक तो दे दी है लेकिन बारिश आने का नाम नहीं ले रही है. किसान की हालत यह है कि वह संकटों के चक्रव्यूह में फसता जा रहा है. 

    कर्ज चुकाने को लेकर अभी से चिंता

    मौसम की मार और सरकार की उपेक्षा के कारण किसानों की समस्या बढ़ते जा रही है. राष्ट्रीयकृत बैंकों की ओर से दिए गए फसल कर्ज को चुकाने का बोझ किसानों की चिंता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है. कुछ किसानों का तो पिछला कर्ज भी चुकता नहीं हुआ और ऐसे में नया कर्ज उन्हें कैसे मिलेगा, इस पर भी वे चिंता में डूबे हुए हैं. जिले के किसान बड़े पैमाने पर सब्जी और अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं. लेकिन इस वर्ष खेती योग्य बारिश नहीं होने से सभी किसान परेशान और चिंता में व्याप्त है.