Garbage, Gondia

  • 8 दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई

गोरेगांव. घनकचरा व्यवस्थापन टेंडर की अवधि 30 नवंबर को समाप्त होने से शहर में घंटा गाड़ी घूमना बंद हो गई हैं. कोरोना काल में ८ दिनों से नपं में एक भी सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं है और प्रशासक के आते ही शहर में स्थिति सुधरने के बजाए बदहाली का दौर शुरू हो चुका है. सभी 17 प्रभागों में गंदगी का आलम छाया हुआ है. चारों ओर कूड़ा कचरा बिखरा पड़ा है, कचरा कुंडियों से बदबू फैल रही है जो बीमारियों को न्योता दे रही हैं.

प्रशासक के जिम्मे कामकाज

उल्लेखनीय है कि नपं का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो गया है. जिससे नपं का पूरा कारोबार प्रशासक के जिम्मे हैं. नपं प्रशासन की अनदेखी से नए टेंडर का प्रस्ताव समय पर प्रशासन को नहीं भेजा गया. जबकि नगराध्यक्ष के कार्यकाल में ही सभी पार्षदों की ओर से घनकचरा व्यवस्थापन के नए टेंडर की मांग मुख्याधिकारी से की गई थी. उस समय इस विषय को दरकिनार कर दिया था. जिसका सीधा असर शहर में साफ-सफाई और स्वच्छता पर पड़ रहा है. 

इस विषय पर पूर्व नगराध्यक्ष आशीष बारेवार ने कहा कि घनकचरा व्यवस्थापन के पुराने टेंडर की समाप्ति के पूर्व ही हमने सर्वानुमति से प्रस्ताव लेकर नए टेंडर की मांग नपं मुख्याधिकारी से कि थी.  नपं के प्रशासकीय अधिकारी आशुतोष कांबले  के अनुसार घनकचरा व्यवस्थापन  के नए टेंडर का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है, किंतु आचार संहिता के कारण  कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी.