जल संधारण विभाग ने रोका 4 वर्ष से कार्यालय का किराया

सालेकसा. यहां उप विभागीय जल संधारण अधिकारी मृद व जल संधारण विभाग के कार्यालय के लिए वासुदेव के.फुंडे का मकान अक्टूबर 2016 में किराए पर लिया गया है. इसके लिए 6 हजार 800 रु. प्रति महिना किराए का अनुबंध भी किया गया. लेकिन कार्यालय शुरु होने के बाद से अब तक एक रु. नही दिया गया है. मकान का किराया हासिल करने के लिए सन 2017 से घर मालक वासुदेव फुंडे ने पत्र व्यवहार किया. जबकि विभाग ने उस ओर दुर्लक्ष किया है.

इस सालेकसा तहसील मुख्यालय में मृद व जल संधारण विभाग का उप विभागीय कार्यालय है. इस कार्यालय के लिए शासकीय जगह उपलब्ध नही होने से वासुदेव फुंडे का मकान किराए पर लिया गया. जब से मकान किराए पर लिया गया है तब से मकान मालिक को किराए का भुगतान नही किया गया. जबकि फुंडे यह सन 2017 से मकान का किराया लेने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे है. जबकि हर बार कोई न कोई कारण बताकर उन्हें किराया भाड़ा देने में टालमटौल किया जा रहा है. 4 वर्षों से किराया रुका पड़ा है. जिससे वासुदेव फुंडे को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. इस विषय पर वरिष्ठ अधिकारी भी अनदेखी कर रहे है. 

अधिकारी कह रहे प्रमाणपत्र के बाद किराया

सन 2017 से फुंडे बकाया किराया भाड़े के लिए पत्र व्यवहार कर रहे है. लेकिन उन्हें किराया नही दिया गया. 3 वर्षों से पत्र व्यवहार शुरु है. इस बीच सितंबर माह में मृद व जल संधारण विभाग के उप विभागीय अधिकारी ने फुंडे को पत्र भेजा है. जिसमें कहा गया है कि कार्यालय के लिए शासकीय इमारत उपलब्ध नही होने का प्रमाणपत्र सार्वजनिक बांधकाम विभाग से प्राप्त होने के बाद किराए की रकम की वरिष्ठ अधिकारियों से मांग करने का उल्लेख है. 

अन्यथा आत्महत्या करनी पड़ेगी

इस प्रकरण की फुंडे ने मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे से शिकायत की है. जिसमें उसने कहा है कि मेरे किराए की रकम मिलेगी यह सोचकर मैंने लोगों से पैसे उधार लिए है. आज वह कर्ज की रकम 3 लाख रु. से अधिक हो गई है. कर्जदार मुझे पेसे के लिए तकादा लगा रहे है. लेकिन मुझे किराए की रकम नही मिलने पर आत्महत्या के अलावा कोई दुसरा पर्याय नही है.