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  • पुलिस अधीक्षक कर रहे अनदेखी

गोंदिया. जिला मुख्यालय में सिटी पुलिस स्टेशन, रामनगर व ग्रामीण पुलिस स्टेशन इस तरह 3 थानों की निर्मिति की गई है, लेकिन इन तीनों थानों में कभी भी पुलिस कर्मियों की फुल नियुक्तियां नहीं की गईं. जिससे कर्मियों के अभाव में वर्तमान में कार्यरत पुलिस कर्मियों पर काम का अधिक बोझ है. रामनगर थाने की निर्मिति गोंदिया शहर थाने को विभाजित कर की गई है.

इस थाने में कुल 67 पुलिस कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल कार्यरत हैं. इसमें भी जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने 12 पुलिस कांस्टेबलों का तबादला कर दिया है. उनके बदले में केवल 3 कर्मियों को दिया गया है. इसी तरह 2 पुलिस कांस्टेबलों की मृत्यु हो गई है. 3 पुलिस कांस्टेबल सेवानिवृत्त हो गए हैँ. जिसकी वजह से थाने में कुल पदों की संख्या से बहुत कम पुलिसकर्मी कार्यरत हैँ. उल्लेखनीय है कि चिचगड़, केशोरी व सालेकसा थाने में पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक है.

अन्य कर्मियों पर दबाव

जिला मुख्यालय वाले तीनों थानों में पुलिस कर्मियों का बड़ा अभाव है. इन तीनों थाने में हमेशा नेताओं के आगमन पर बंदोबस्त, नाइट ड्यूटी व  प्रकरणों की जांच करने जैसे अधिक कार्य हैँ. थाने में कर्मियों की कमी का मुद्दा अनेक बार उठाया गया है. इसके बावजूद तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से इस विषय की अनदेखी की गई है. उल्लेखनीय है कि जिले में तीनों पुलिस स्टेशन हॉट हैं. जहां कभी भी कोई छोटी सी घटना बड़ा रूप धारण कर लेती है. ऐसी स्थिति में पुलिस विभाग को कारंजा पुलिस मुख्यालय सहित निकटवर्ती पुलिस थाने के कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ती है.