Fourth class worker denied promotion, related department is deferring

गोंदिया. जिले में फिलहाल कोरोना काल शुरू है. वहीं अब धीरे धीरे परिस्थिति पूर्व की तरह सामान्य हो चली है. सभी व्यवहार लाईन पर आ गए है. जिससे राजनीतिक पार्टियां भी सक्रिय हो गई हैं. आगामी जिप व पंस चुनाव के कार्य में जुट गए है. इस चुनाव के लिए सभी पार्टियों के नेताओं के दौरे अब ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ गए है. बैठकों के साथ प्रभावी उम्मीदवारों की खोज शुरू कर दी गई है.

15 जुलाई को पूरा हुआ कार्यकाल
जिप के पदाधिकारी व सदस्यों का 5 वर्षों का कार्यकाल 15 जुलाई को पूर्ण हो गया है. इसके पूर्व ही जिप के चुनाव होकर नए पदाधिकारियों को पदारूढ़ होना अपेक्षित था. इस संदर्भ में राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी. इसमें जिप व पंस निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार आरक्षण सूची की घोषणा की दी गई थी, लेकिन मार्च में कोरोना की घुसपैठ ने सारे किए धराए पर पानी फेर दिया. इस बीच चुनाव आयोग ने कार्यक्रम जैसे थे, वैसे रखने के निर्देश दिए.

कोरोना के चलते चुनाव कराना संभव नहीं था. परिणाम स्वरू जिप का कार्य पिछले 3 महीने से प्रभारी प्रशासक देख रहे हैं. जिप में सदस्य संख्या 52 है. जिसमें पिछली बार कांग्रेस-भाजपा की युति सत्ता थी. इस बार जिप अध्यक्ष का पद खुला होने से पार्टियों के बीच भारी कश्मकश रहेगी.

जिले में पखवाड़ा भर से राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस, भाजपा व शिवसेना सहित सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारियों ने जिप सर्कल के अनुसार बैठके लेना शुरू कर दिया है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है. इसी तरह विधायक भी खुलकर सक्रिय हो गए है. राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियों को देखते हुए जनवरी या फरवरी में जिप के चुनाव होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

ग्रापं के चुनाव भी साथ में होंगे
कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता देख चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी, लेकिन बिहार राज्य में विधानसभा की चुनाव प्रक्रिया शुरू है. जिससे राकां नेता गंगाधर परशुरामकर ने चुनाव आयोग से जिप व पंस के चुनाव कराने की मांग की थी. जिले के 200 से अधिक ग्रापं के पदाधिकारी व सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण हो गया है, लेकिन कोरोना की वजह से इन ग्रापं के चुनाव नहीं हो सकते. इन ग्रापं में प्रशासन की नियुक्ति की गई है. जिप व पंस चुनाव के साथ ही ग्रापं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे.

मंगाई जा रही ग्राउंड रिपोर्ट
जिले में सभी राजनीतिक पार्टी के ग्राम स्तर पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता है. इन्ही कार्यकर्ताओं के भरोसे चुनाव में बड़ी मदद मिलती है. जिससे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से ग्राउंड रिपोर्ट मंगा रहे हैं. रिपोर्ट मिलने के बाद जिप व पंस के संभावित उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इतना तो तय है कि चुनाव प्रक्रिया के बाद कुछ सदस्य जिप में पुन: पहुंचने का प्रयास करेंगे. वहीं कई नए चेहरे भी होंगे.