Hardik Patel

नयी दिल्ली. गुजरात (Gujrat) में विधानसभा (VidhanSabha) की आठ सीटों पर हो रहे उप चुनाव की पृष्ठभूमि में प्रदेश कांग्रेस (Congress) कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने शुक्रवार को कहा कि यह उप चुनाव 2022 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है और इसमें कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आक्रोश भी दिखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस उप चुनाव में कांग्रेस विधानसभा स्तर का घोषणापत्र लेकर लोगों के बीच पहुंच रही है और स्थानीय मुद्दों को ज्यादा अहमियत दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गुजरात की आठ विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को मतदान होना है। ये सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने और पाला बदलने के कारण खाली हुई हैं। पटेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। इसके साथ ही हमने ऐसे उम्मीदवार तय किए हैं जो पार्टी के प्रति वफादार हैं और जिन्होंने कभी पार्टी को तोड़ने का काम नहीं किया है। हम विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए स्थानीय घोषणापत्र तैयार किया है।”

उन्होंने दावा किया, ‘‘असल में यह लड़ाई भाजपा के खिलाफ होने के साथ ही ‘कांग्रेस से भागे नेता बनाम कांग्रेस’ की है। इस वक्त गुजरात में भाजपा के 100 से अधिक विधायक हैं जिनमें 32 कभी कांग्रेस का हिस्सा थे। सरकार में 12 मंत्री ऐसे हैं जो कांग्रेस से भाजपा में गए हैं। भाजपा कहती थी कि हम देश को कांग्रेस मुक्त करेंगे वही गुजरात में कांग्रेस युक्त हो चुकी है।” युवा पाटीदार नेता ने यह भी कहा, ‘‘किसानों का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण है। कृषि कानूनों में किसानों के हित से जुड़े न्यूनतम समर्थन मूल्य और फसल बीमा की बात शामिल नहीं है है। इससे किसानों में नाराजगी है। इन उप चुनावों में किसान अपना आक्रोश दिखाएगा। इसके साथ ही कोरोना वायरस से संकट से निपटने में गुजरात सरकार की विफलता भी मुद्दा है।” उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव हमारे लिए सेमीफाइनल है। फिर आने वाला पंचायत चुनाव सेमीफाइनल -2 है। अगर हम ये चुनाव जीत लेंगे तो फिर 2022 में मजबूती से उतरेंगे।”