भोजन के स्वाद से लेकर मासिक धर्म तक जाने ‘करी पत्ते’ के फायदे

करी पत्ते का उपयोग भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन करी पत्ता स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी ठीक रखने में मदद करते है। इसके साथ ही करी पत्ते बहुत औषधीय है। इन पत्तो में विशिष्ट प्रकार की सुगंध होती है, इसलिए इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के सॉस, सब्जियों और मसालों में भी किया जाता है। 

करी पत्ते का पेड़ माध्यम आकर का होता है। कहा जाता है कि यह पेड़ हर किसी के घर में लगाया जाना चाहिए। क्योंकि इसमें एक विशिष्ट प्रकार की खुशबू होती है, यह घर के आस-पास के वातावरण को स्वच्छ और सुगंधित रखने में मदद करती है। साथ ही पर्यावरण में बैक्टीरिया को काम करता है और बीमारियों को व्यक्ति से दूर रखता है। इस पत्तो से सुगंधित तेल भी निकाला जाता है। 

औषधीय गुण
करी पत्ते में कैल्शियम, लोहा, पोटेशियम, फास्फोरस, एमिनो एसिड और प्रोटीन बहुत मात्रा में होते हैं। इसके आलावा विटामिन ए, बी -1, बी -2 और विटामिन सी भी शामिल हैं। इसलिए, करी पत्ते का खाने में उपयोग करने से शरीर को ये सभी गुण मिल जाते है। साथ ही यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा देता है। आयुर्वेद के अनुसार, करी पत्ते पाचन और दस्त के लिए पोषक होते हैं।

करी पत्ते के फायदे/उपयोग  
> करी पत्ते का उपयोग हमेशा आहार में करी, आमटी और पोहे के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। चूंकि ये पत्ते सुपाच्य होते हैं, यह भूख बढ़ाते हैं और भोजन को पचाने में मदद करते हैं.

> करी पत्ते में पालक, मेथी और धनिया की तुलना में विटामिन ए अधिक मात्रा में होता है। इसके अलावा, इन पत्तियों में अन्य सब्जियों की तुलना में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा दोगुनी होती है।

> अगर बच्चे के पेट में कीड़े हो जाते है, तो करी पत्ते को बारीक पीसकर छौंक तैयार कर इसमें गुड़ और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर एक छोटी गोली बनाकर सुबह-शाम 2-2 के अनुपात में यह गोली दें। इससे पेट के कीड़े ख़त्म हो जाते है। 

> अगर दस्त और उल्टी होती है और कभी-कभी इसमें से रक्तस्राव होता है, तो करी पत्तों को पानी के साथ पीसकर 1-1 चमच 2-3 घंटो के अंतराल में पिए। इससे उल्टी कम होकर खून आना बंद हो जाता है।

> अगर बवासीर से खून बह रहा है, तो करी पत्ते का काढ़ा बनाकर पीने से रक्तस्राव बंद हो जाता है।

> इससे मुंह में भूख और रुचि की भावना पैदा होती है।

> पेट में कब्ज होने पर इसे कम करने के लिए करी पत्ता खाएं।

> यदि मूत्र में जलन होकर बून्द बून्द टपक रही है, तो ऐसे समय करी पत्ते के रस कॉटन का कपडा डुबोकर पेट पर रखे। इससे शरीर की गर्मी कम हो जाती है और पेशाब की जलन रुक जाती है। 

> शरीर किसी जहरीले कीड़े के काटने से फुला हुआ है, तो करी के पत्तों को कूटकर उस पर लगाएं। यह सूजन को कम करता है।

> अगर शरीर पर घाव ठीक नहीं हो रहा है और मुंहासों के कारण त्वचा पर खुजली हो रही है, तो करी पत्तों को बांटकर शरीर पर मलें और घाव पर लगाएं।

> यदि मसूड़े कमजोर होकर दांत हिल रहे हैं, तो मसूढ़ों पर कढ़ी पत्ते का कल्क मसूड़ों पर रगड़ें, इससे मसूड़ों का स्वास्थ्य ठीक होकर दांत मजबूत होते हैं।

> अगर आपके दांतों और जीभ के कारण मुंह से ख़राब स्मेल आ रही है, तो करी पत्ते को चबाकर खाए। यह जीभ पर चिपचिपी सफेद परत को हटाता है, दांतों सांफ हो जाते है। 

> करी पत्तियों के नियमित सेवन से रक्त की मात्रा बढ़ती है और रक्त को शुद्ध करने में मदद मिलती है।

> अगर महिलाओ को नियमित रूप से मासिक धर्म, रक्तस्राव कम, चेहरे पर काले दाग, फुंसियां, बालों का झड़ना, ऐसी समस्या है, तो 2-2 चम्मच करी पत्ते का रस सुबह और शाम लें।

> करी पत्ते का सेवन मधुमेह को भी कम करता है। इन पत्तियों के नियमित सेवन से रक्त से शर्करा के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।