corona virus

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। यह महामारी इतनी खतरनाक है कि इसकी वजह से बहुत से लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी है। इस बीमारी को खत्म करने के लिए दुनियाभर में इसकी वैक्सीन को लेकर रिसर्च भी की जा रही है। वहीं अब एक और स्टडी में पता चला है कि कुछ जीवाणु वातावरण में मौजूद धूल के जरिए ट्रेवल कर रहे हैं। 

अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि वातावरण में मौजूद यह धूल एक महाद्वीप (Continent) से दूसरे महाद्वीप में पहुंच सकते हैं। इस स्टडी में कहा गया है कि यह जीवाणु इंसानों को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं, साथ ही इससे जानवरों की सेहत पर भी असर हो रहा है। इसके अलावा यह जीवाणु जलवायु और पारिस्थितिकी पर भी अपना प्रभाव डाल रहे हैं। 

शोध पत्रिका एटमॉसफेरिक रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन में यह बताया गया है कि, बहुत छोटे जीवों के वायुमंडल में मौजूद कणों के साथ एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप ट्रेवल कर रहे हैं। जिसकी गुत्थी सुलझाने का प्रयास ही इस अध्ययन में किया गया है। वहीं इन्हीं कणों के संपर्क में आने की वजह से इंसान संक्रमित हो रहे हैं। स्पेन में ग्रेनेडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के मुताबिक ये सूक्ष्म कण जीवाणुओं के लिए ‘वाहक’ का काम कर रहे हैं। 

इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि, इन सूक्ष्म कणों यानी आईबेरुलाइट को भी माइक्रोस्कोप की मदद से ही देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों ने आईबेरुलाइट के बारे में 2008 में पता लगाया था। शोधकर्ताओं ने बताया कि जीवाणुओं के आईबेरुलाइट के संपर्क में आने की प्रक्रिया को लेकर शोध जारी है। शोधकर्ताओं ने यह शोध ग्रेनेडा शहर के वायुमंडल में मौजूद धूल कणों का पर किया है। अध्ययन के मुताबिक, यह धूल कण उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में सहारा मरुस्थल से थे जिसमें ग्रेनेडा की मिट्टी के भी कण मिले थे।