Eating til oil is beneficial for health, know how?

-सीमा कुमारी

आज से करीब 5000 साल पहले शुरू हुई थी तिल की खेती. तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है. भारत में भी इसकी खेती और इसके बीज का उपयोग हजारों वर्षों से होता आया है. यह व्यापक रूप से दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पैदा किया जाता है. भारत में तिल दो प्रकार का होता है.

सफेद और काला यानि कुवारी और चैती. कुवारी फसल बरसात में ज्वार, बाजरे, धान आदि के साथ अधिकतर बोंई जाती हैं. चैती फसल यदि कार्तिक में बोई जाय तो पूस-माघ तक तैयार हो जाती है. क्या आप जानते है इस तिल के बीज से जो तेल निकलता है उससे हमारे सेहत के लिए कितना फ़ायदा है. तो चलिए हम आपको बताते है की तिल के से हमें कितना फ़ायदा होता है ?

तिल के तेल से हमें क्या-क्या फ़ायदा होते है?

  • यदि आपको बार-बार खांसी होती है तो तिल के 30-35 मिली काढ़े में 2 चम्मच शक्कर डालकर पीने से खांसी में लाभ होता है. तिल और मिश्री को उबालकर पिलाने से सूखी खांसी मिटती है.
  • यदि आपका शुगर यानि मधुमेह बढ़ा हुआ है तो तिल का तेल अपने भोजन में शामिल करें. तेल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य करने में मदद करता है.
  • अनिद्रा की बीमारी यानि नींद न आना की बीमारी से परेशान है तिल के तेल का सेवन करें. क्योकि    एक रिसर्च के अनुसार पता चला है की एंटीऑक्सीडेंट गुण मस्तिष्क में रक्त को सही तरह से प्रवाहित कर नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद कर सकता है.
  • मुंह में छाले होने पर तिल के तेल में सेंधा नमक मिलाकर लगाने पर छाले ठीक होने लगते हैं.
  • यदि आप अपने चेहरे पर ग्लो लाना चाहते है तो सुबह शाम तिल के तेल को अपने चेहरे पर लगाए. इससे चेहरा में नमी आती है और चेहरे ग्लो करता है.