रोज खा रहे हैं व्हाइट ब्रेड तो हो जाएं सावधान, इन बीमारियों का है डर

    -सीमा कुमारी

    आज भारत समेत दुनिया भर में भारी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो अपनी सुबह की शुरुआत ‘व्हाइट ब्रेड’ के साथ ही करते हैं। जो नाश्ते के तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। अगर आप भी अपने रोजाना की डाइट में व्हाइट ब्रेड का सेवन करते हैं, तो इसे आज ही छोड़ने का फैसला कर  लीजिए, वरना बहुत देर भी हो सकती है। आइए जानें आखिर क्यों व्हाइट ब्रेड का सेवन नहीं करना चाहिए।

    ऐसे बनती है ‘व्हाइट ब्रेड

    बहुत से लोग इस बात को नहीं जानते होंगे कि, व्हाइट ब्रेड बनाने के लिए मैदे का इस्तेमाल होता है। ब्रेड को बनाते वक्त इसे बहुत महीन पीसा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान सारे विटामिन और पोषक तत्व पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए ताकि ब्रेड लंबे वक्त तक फ्रेश रहे और रखकर खाया जा सके।व्हाइट ब्रेड से होने वाले नुकसान जानिए:

    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, जो लोग व्हाइट ब्रेड का सेवन करते हैं, उन्हें डायबिटीज, दिल से संबंधित बीमारी और मोटापे जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे में इसका सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    अगर आप अपने नाश्ते में व्हाइट ब्रेड को हटाकर कुछ दूसरी चीजों को शामिल करना चाहते हैं, तो आप   ब्राउन या होल ग्रेन ब्रेड के बारे में विचार कर सकते हैं। होल ग्रेन ब्रेड के अंदर विटामिन, प्रोटीन, और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। जबकि ब्राउन ब्रेड (brown bread) के अंदर आयरन, जिंक, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं। इसके अलावा ब्राउन या होल ग्रेन ब्रेड के अंदर विटामिन बी और कई अन्य खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं, जो आपको हृदय रोग, मोटापे और डायबिटीज जैसी बीमारी से बचा कर रखते हैं।

    डाइट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट ब्रेड आमतौर पर मैदे से बनाई जाती है। इसमें कई ब्लीचिंग एजेंट्स जैसे पोटेशियम ब्रोमेट, एजोडिकार्बोनामाइट आदि का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। प्रोसेसिंग के दौरान इसके अधिकतर पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही इसमें फाइबर कम हो जाता है। फाइबर कम हो जाने के बाद पाचन धीमा होता है। इससे आपको कब्ज हो सकता है। व्हाइट ब्रेड (white bread) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होने से खून में शर्करा बढ़ाने वाली होती है। इसके कारण आप डायबिटीज की चपेट में आ सकते हैं या फिर जो लोग डायबिटीज पेशेंट हैं उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।

    सभी ब्रेड में लगभग कैलोरी की मात्रा समान होती है। खासकर पोषक तत्व सामग्री में, व्हाइट ब्रेड के एक टुकड़े में करीब 77 कैलोरी की मात्रा होती है। लेकिन इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च मात्रा में पाया जाता है। इसमें पोषक तत्व की मात्रा लगभग शून्य के बराबर होती है।