If you are troubled by kidney diseases, then follow these Ayurvedic methods

-सीमा कुमारी

किडनी हमारी शरीर का एक अहम् हिस्सा है. आजकल बहुत लोग किडनी की बिमारी से ग्रसित है. इन बीमारियों की सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं हो रही है. महिलाएं अक्सर पथरी की समस्या से परेशान रहती हैं. हमारे देश में लगभग 15% महिलाएं और 12% पुरुष किडनी जैसी गंभीर बीमारी की समस्या से परेशान है. किडनी हमारी खून की सफाई का काम करती है. किडनी शरीर में उपस्थित विषैले पदार्थों को हमारे शरीर से बाहर करती है. मानव शरीर में दो किडनी होती हैं. जिसमें लाखों छोटे-छोटे फिल्‍टर पाए जाते हैं, यह हमारे शरीर में उपस्थित रक्त का शुद्धीकरण करते हैं.

किडनी का काम और आकर:

  • किडनी का भार 142 ग्राम होता है.
  • अगर किसी को एक ही किडनी है तो उनका किडनी का साइज दो किडनी का बराबर होगा.
  • इंसान के आंतरिक अंगों में सबसे बड़ी किडनी ही होती है.
  • किडनी एक लेफ्ट साइड और दूसरा राइट साइड में होती है.
  • किडनी एक दिन में 400 बार खून की सफाई करती है.
  • इंसान की एक किडनी ख़राब हो तो भी व्यक्ति स्वस्थ जीवन आराम से जी सकता है.
  • किडनी हर मिनट 1.3 लीटर खून की सफाई करती है.

आयुर्वेदिक चिकित्सीय की सलाह:

जिन लोगों की किडनी खराब हो चुकी है परंतु वे अभी तक डायलिसिस पर नहीं गए हैं. तो ऐसे लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सीय से सलाह लेनी चाहिए. यदि आप आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट को अपनाते हैं तो आपको डायलिसिस पर जाने की नौबत नहीं आएगी. कई सारे मरीज आयुर्वेद के माध्‍यम से उपचार का सहारा लेकर ठीक हो चुके है.

किडनी की बीमारी की आयुर्वेदिक दवा:

पुनर्नवा मंडूर, गोक्षुरादी, मुक्ता पिष्टी, मुक्ता पंचामृत, गिलोय सत्त, चंद्रप्रभा वटी, गुग्गुलु इत्यादि आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन किडनी की जटिल बीमारियों से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है. लेकिन एक बात का ध्यान रखे कि इन सभी औषधियों का सेवन एक योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह करने के बाद ही करें. बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के इन औषधियों का सेवन ना करें.