वज़न घटाने के लिए ट्रेंड में है कीटो डाइट, कई हैं दुष्प्रभाव

आज के समय में लोगों की सबसे बड़ी समस्या उनका वज़न बना हुआ है। जिसे घटाने के लिए अलग-अलग तरह के व्यायाम किए जाते हैं और कई प्रकार के डाइट प्लान भी फॉलो किए जाते हैं। वहीं पिछले कुछ सालों से कीटो डाइट बहुत ज़्यादा ट्रेंड में है। इस डाइट के तहत व्यक्ति को वसा युक्त भोजन को अपने प्लान में शामिल करना होता है। अतः चीज़, मीट, अण्डे आदि आपके भोजन का हिस्सा होते हैं। इस डाइट में बहुत से फल और सब्ज़ियों का सेवन वर्जित होता है। लेकिन इस कीटो डाइट के बहुत सी हानि भी है। साथ ही इसके परिणाम भी भयभीत करने वाले आ रहे हैं।

ज्ञात हो कि हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री मिष्टी मुखर्जी का आकस्मिक निधन हो गया, जिसकी वजह किडनी फेलियर बताई गई थी। वहीं उनकी मौत का मुख्य कारण कीटो डाइट को भी बताया जा रहा है। इस कीटो डाइट के कुछ फायदे भी हैं तो कुछ नुक़सान भी। इस कीटो डाइट से कई प्रकार के कैंसर में भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है, मुंहासों की समस्या का भी समाधान है इस तरह की डाइट। लेकिन इसके बाद भी इसके कई नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिले हैं। कीटो डाइट से हृदय रोग, किडनी संबंधित बीमारियां आदि होने की संभावना भी जताई जा रही है।

कीटो डाइट का नकारात्मक प्रभाव

किडनी और हृदय रोग-
कीटो डाइट में शामिल आहार अत्यधिक वसा युक्त होते हैं। जिसका सेवन करने से हमारी रक्त धमनियों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है और ब्लॉकेज होने लगती है, वहीं हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ने लगता है। इसके अलावा इस डाइट का किडनी पर भी गलत प्रभाव पड़ता है। ज़्यादा मात्रा में वसा वाला भोजन नियमित रूप से सेवन करने पर किडनी की खून फिल्टर करनी की प्रक्रिया पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है, जो पथरी जैसी समस्या को उत्पन्न करता है। जिसकी वजह से किडनी के काम करनी की क्षमता कम होने लगती है और शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ने लगती है। 

खून में शुगर की कमी-
कीटो डाइट को फॉलो करने से शरीर के रक्त में चीनी की कमी का भी खतरा हो सकता है। जिससे आपको कई बिमारियों का समाना करने पड़ता है। अपने आहार में कीटो डाइट को शामिल करने से आपको डायबिटीज़ टाइप 1 के साथ साथ कम रक्तचाप जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

पोषण संबंधी समस्या-
कीटो डाइट में लोगों को कई तरह के फल, सब्ज़ियों, अनाजों, दालों आदि से दूर रखा जाता है। जिसकी वजह से आपके शरीर को पूर्ण पोषण नहीं मिल पाता। जिस वजह से हमारे शरीर में कई तरह के विटामिन्स और तत्वों की कमी होने लगती है, इसी कारण हमे कई बिमारियों का भी सामना करना पड़ता है।