Learn what is the disease of stones? Its symptoms and remedies

-सीमा कुमारी

हम सभी ने बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी बीमारी के बारे में सुना है. वैसे देखा जाए तो अनगिनत बीमारी हैं. उन्हीं में से एक है किडनी की बीमारी जिसको पथरी भी बोलते है. ये पेट में या किडनी में होती है. हम आपको बताते है की पथरी क्या है ? जब पेशाब में कैल्शियम ऑक्जलेट या अन्य क्षारकणों (क्रिस्टल्स) का एक दूसरे से मिल जाने से कुछ समय बाद धीरे-धीरे मूत्रमार्ग में कठोर पदार्थ बनने लगता है, जिसे पथरी के नाम से जाना जाता है. 

यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है. पथरी के लक्षण किसी भी भाग में होती है तो पेशाब करने में दिक्कत आती है. पेशाब रूक-रूक कर होती है कभी कभी पेशाब के साथ खून भी आता है. पेट में दर्द, लगातार कब्ज या दस्त होना. तो चलिए आपको बताते है की पथरी को ठीक कैसे किया जाए.

इन उपायों से पाए पथरी से मुक्ति:

  • पत्थरचट्टा औषधीय गुणों वाला एक पौधा होता है, जिसका उपयोग किडनी और पेट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में किया जाता है. यह सदाबहार पौधा है जो भारत में खूब होता है. किडनी में पथरी की समस्या के लिए भी पत्थरचट्टा को सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है. इसके लिए आप पत्थरचट्टा के पौधे का एक पत्ता लें और उसे मिश्री के कुछ दानों के साथ पीसकर खा लें. इसका परिणाम जल्द ही दिखाई देगा.
  • अश्वगंधा की जड़ों का गुनगुना रस पीने से पथरी का दर्द कम होता है. अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के रस समान मात्रा में आधा आधा कप लिया जाए तो मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत खत्म हो जाती है और माना जाता है कि यह पथरी को गलाकर पेशाब मार्ग से बाहर भी निकाल फेंकता है.
  • चार चम्मच नीबू के रस में बराबर मात्रा में ऑलिव आयल मिलाकर दिन में तीन बार और ऐसा तीन दिन तक करने से पथरी की समस्या में राहत मिलती है.
  • पथरी के मरीजों को ज्यादा मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है. ज्यादा प्रवाही लेने से पेशाब ज्यादा होता है और इससे पेशाब के साथ पथरी निकलने में सहायता मिलती है. यदि उलटी के कारण पानी पीना संभव नहीं हो, तो ऐसे मरीजों को नसों में बोतल द्वारा ग्लूकोज चढ़ाया जाता है.