कब्ज़ और अपच भगाने में उपयोगी हैं ये योगासन

आज के दौर में लोगों को पेट संबंधी बहुत सी बिमारी होने लगी है। लोगों का अनियमित खान-पान, तनाव, व्यायाम से दूरी, पोषक आहार का सेवन न करना आदि ऐसे बहुत से कारण हैं, जो पेट के लिए दिक्कत पैदा कर रहे हैं। इन सब कारणों से एसिडिटी, कब्ज़ और अपच की समस्या बढ़ने लगती है। इन समस्याओं को योग की मदद से दूर किया जा सकता है। इनसे राहत पाने के लिए योग मुद्रा, पवनमुक्तासन और शीतली प्राणायाम जैसे योगासन करना सही होगा। तो आज हम आपको बताते हैं इन योगासन के बारे में…

योग मुद्रा-

कैसे करें: 

  • योग मुद्रा करने के लिए सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं। जो लोग पद्मासन में नहीं बैठ सकते हैं, वह लोग अर्धपद्मासन या सुखासन में बैठ सकते हैं।
  • अब पीठ के पीछे एक हाथ से दूसरे हाथ की कलाई पकड़ें। फिर शरीर को धीरे-धीरे सामने की ओर झुकाते हुए अपना माथा जमीन से लगाने का प्रयास करें।
  • ऐसा करते हुए सांस छोड़ें, कुछ सेकंड रुककर धीरे-धीरे सांस लेते हुए फिर से सामान्य स्थिति में आ जाएं। 

कब न करें: घुटने के दर्द से पीड़ित और हर्निया होने पर यह योगासन बिलकुल भी 

पवनमुक्तासन-

कैसे करें :

  • पवनमुक्तासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। फिर दोनों पैर मिलाकर कमर के पास सीधे रखें।अब धीरे-धीरे दाएं पैर को मोड़कर सीने की तरफ लाएं और दोनों हाथों से पकड़ लें।
  • फिर वापस जाएं और ऐसा ही बाएं पैर से भी करें। इसके बाद दोनों पैर साथ में मोड़ कर इस अभ्यास को करें। कुछ सेकंड रुककर वापस आ जाएं।

कब न करें : इस आसान को भी पैरों में दर्द या हर्निया होने पर न करें।

शीतली प्राणायाम-

कैसे करें:

  • ध्यान के लिए किसी भी आसन या सुखासन में बैठ जाएं। ध्यान रहें कि मेरुदंड एकदम सीधा रखें। फिर आंखों को बंद और शरीर को सामान्य रखें।
  • उसके बाद अपनी जीभ को मुंह के बाहर लाएं। जीभ के किनारों को इस प्रकार मोड़ें कि उसकी आकृति एक पाइप जैसी हो जाए।
  • अब सांस अंदर खींचें, फिर जीभ को अंदर कर लें। फिर मुंह को बंद करें और नाक से सांस छोड़ें। यह एक चक्र हुआ। इस तरह 8 से 10 दोहराएं।

कब न करें: इस प्राणायाम को प्रदूषित वायुमंडल या सुबह और रात के समय अधिक ठंड होने पर न करें।