आंखों की रोशनी बढ़ाने में बेहद कारगर है ये योगासन, इसकी मदद दूर हो सकती है परेशानी

    -सीमा कुमारी

    समूची दुनिया में हर साल 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNO) में ‘योग दिवस’ (YOGA DAY) मनाए जाने की पहल की थी। और 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘इंटरनेशन योगा डे’ (International Yoga Day) मनाने की मंजूरी मिली और इसके बाद 21 जून 2015 को पहला ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाया गया।

    इस ‘दिवस’ को मनाने का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को शारीरिक,मानसिक से मजबूत बनाना। आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में समय और उम्र से पहले ही आंखों की रोशनी कमजोर होने लगी है। इसकी कई वजह हो सकती हैं। लेकिन, एक अहम वजह यह भी है कि ऑफिस में लगातार कंप्‍यूटर पर आंखें गड़ाए रहने से भी आंखों पर काफी असर पड़ा है। इनमें जलन, ड्राइनेस (Dryness) जैसी समस्‍याएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा दूर और पास की नजर कमजोर होना भी आम है। बहुत सारी दवाईयों और डॉक्टरों के इलाज के बाद भी अगर बीमार आंखों के इलाज का सही तरीका नहीं मिल रहा है तो रोजाना योग करें।

    योग के ‘इन’ आसनों की मदद से आंखों की सारी परेशानियों से निजात मिल जाएगी। आइए जानते हैं ऐसे आसन, जो आपकी आंखों की सेहत बनाए रखने के साथ आंखों की रोशनी भी तेज करने में मदद करते हैं।

    सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)-

    योग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सूर्य नमस्कार करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके अलावा, व्यक्ति अपने अनचाहे बढ़ते वजन से भी आसानी से छुटकारा पा सकता है। इस आसन को नियमित रूप से करने से डाइटिंग से भी ज्यादा फायदा होता है। अगर आपकी आंखों की रोशनी कमजोर है, तो सूर्य को लगातार 10 मिनट तक रोजाना देखने से लाभ मिलेगा।

    त्राटक योग (Tratak Yoga)-

    नियमित रूप से ‘त्राटक योग’ करने से आंखों की रोशनी में सुधार होने के साथ आंखों से संबंधित सभी रोग भी दूर होते हैं। इस योग को करने से व्यक्ति की एकाग्रता और स्मृति में बढ़ोत्तरी होती है। ‘त्राटक योग’ का रोजाना अभ्यास व्यक्ति का तनाव, चिंता और थकान को भी दूर करने में मदद करता है। इसके साथ, सुबह-शाम -योग निद्रा करें। मुंह में पानी भर कर आंखों पर ताजे पानी के छींटें मारें। बहुत कम या बहुत तेज रोशनी में न पढ़ें। लेट कर भी न पढ़ें और न ही लेट कर टीवी देखें। अधिक तनाव एवं कब्ज से बचें।

    शवासन (Shavasana)-

    ‘शवासन आसन’ को करने से थकावट दूर होती है। सांस और नब्ज़ की गति सामान्य होने के साथ आंखों को भी काफी आराम मिलता है। इस आसन को करने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

    बद्धकोणासन (Baddha Konasana)-

    बद्धकोणासन को तितली आसन भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए इस आसान को करते समय तितली का आकार बनाया जाता है। आसान करते समय जब घुटनों को ऊपर-नीचे किया जाता है, तो व्यक्ति का शरीर बिल्कुल तितली सा प्रतीत होता है। इस आसान के नियमित अभ्यास करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होने के साथ घुटनों, हैमस्ट्रिंग को भी मजबूती मिलती है। तितली आसन को रोजाना करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

    इन सभी आसान के नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी बढ़ती है।