आज है विश्व रेडियोग्राफी दिवस, जानिए इसका महत्त्व और थीम

दुनियभर में आज यानी 8 नवंबर को विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1895 में आज के ही दिन जर्मनी में वारबर्ग विश्वविद्यालय के भौतिकी के वैज्ञानिक विल्हेम कॉनराड रॉन्टगन ने एक्स-विकिरण यानी एक्स-रे की खोज की थी। यही वजह है कि यह दिन एक्स-विकिरण की खोज के सालगिरह के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। 

इस दिन लोगों के बीच रेडियोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजिस्ट स्वास्थ्य सेवा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रोगियों की देखभाल करने में सहायता करता है। एक्स-रे लोगों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को खोजने में मदद करती हैं।

इतिहास-

विश्व रेडियोलॉजी दिवस पहली बार वर्ष 2012 में मनाया गया था। यूरोपियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी [ईएसआर], रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका [आरएसएनए], अमेरिकन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी [एसीआर] ने विश्व रेडियोलॉजी दिवस शुरू करने के लिए पहल की थी। तभी से, दुनियाभर में यह दिन मनाया जाता है।विश्वभर में स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 200 से ज़्यादा चिकित्सा केंद्र और संस्थान इस दिन के बारे में जागरूकता फैलाने में भाग लेते हैं। 

महत्त्व-

रेडियोलॉजिकल सिस्टम ज़्यादातर मरीज़ों में बीमारियों का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है। रेडियोलॉजी एक्स-रे, एमआरआई स्कैनिंग उपकरण और अल्ट्रासाउंड उपकरणों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। रेडियोलॉजी इसलिए लोगों के लिए आवश्यक है, क्यूंकि इससे लोगों की अंदरूनी समस्या के बारे में जान कस्ते हैं। रेडियोलॉजिकल तकनीक सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र के बारे में नहीं हैं, वे चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक सिद्धांतों और कलात्मक कौशल के क्षेत्रों का एक सुंदर संयोजन हैं।

थीम 2020-

वर्ष 2012 से जब दुनियाभर में विश्व रेडियोलॉजी दिवस के लिए समारोह शुरू हुआ,तब से हर साल रेडियोलॉजी को लेकर जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक विषय रखा जाता है। इस साल का विषय सभी इमेजिंग पेशेवरों और COVID-19 महामारी से लड़ने वालों को समर्पित है।