मजबूत और चौड़ी छाती पाने के लिए घर पर ट्राई करें ये 4 योगासन

सीमा कुमारी

योग कोई धर्म नहीं है. यह एक विज्ञान है, योगा कोई हाल ही की घटना नहीं है. यह एक प्राचीन भारतीय अभ्यास है, जो कि सिर्फ शरीर को ही शेप में करने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्ति के पूरे स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायक है. जी हां, आप अपने घर में आराम से और बिना वजन उठाए ही चौड़ी छाती और छाती का नंबर बढ़ा सकते हैं. यह बिल्कुल सच और शत प्रतिशत सही है, आपको बस इतना करना है कि शरीर में सबसे बड़ी और मजबूत मांसपेशियों में से एक को काम करने के लिए सही अभ्यास करना है. अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसा कैसा हो सकता है तो ज़्यादा दिमाग न दौड़ाएं क्योंकि हम आपको कुछ योगासन के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ आपकी छाती को चौड़ा बनाएंगे बल्कि शरीर की ताकत बढ़ाएंगे और अंदरूनी ऊर्जा को भी बढ़ाने में मदद करेंगे |

सूर्य नमस्कार :-

यह एक बुनियादी, सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है. सूर्य नमस्कार का अर्थ है-‘सूरज का अभिवादन’ या ‘वंदन करना’. इसमें 12 योग मुद्राओं का मिश्रण होता है, जो कि शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है. इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है. उदाहरण के लिए प्रार्थना की मूल मुद्रा, आगे की ओर मुड़ना और फिर भुजांगासन |

त्रिकोणासन :-

इस आसन से सीने की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर लचीला बनता है. प्रतिदिन इसका तीन बार अभ्यास चौड़े सीने के लिए मददगार है. दोनों पैरों के बीच तीन फुट का अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं. दोनों हाथ पैरों के समानांतर सीधे फैलाएं. अब दाएं पैर के पंजे को दाएं हाथ से ऐसे छूने का प्रयास करें कि बांया हाथ आसमान की ओर हो दोनों पैरों के बीच तीन फुट का अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं. दोनों हाथ पैरों के समानांतर सीधे फैलाएं. अब दाएं पैर के पंजे को दाएं हाथ से ऐसे छूने का प्रयास करें कि बांया हाथ आसमान की ओर हो और उससे 90 डिग्री का कोण बनें. 20 से 25 सेकंड बाद सीधे हो जाएं. अब यही प्रक्रिया बाएं हाथ और बाएं पैर से दोहराएं |

ऊष्ट्रासन :-

इसे करने के लिए पहले घुटने के बल चटाई पर बैठें और दोनों हाथों को सीधे नीचे की ओर रखें. अब इसी मुद्रा में थोड़ा उठते हुए दोनों हाथों को पीछे एड़ी की ओर ले जाएं. इससे जांघों पर तनाव पड़े और पैरों का भार घुटनों पर हो. सिर पीछे झुकाएं जिससे ठुड्डी आसमान की ओर हो. इस दौरान कुछ क्षण गहरी सांस लें और फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं |

भुजंगासन :-

पेट के बल जमीन पर लेट जाएं. अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें. ध्यान रखें कि आपके टखने एक-दूसरे को छूते रहें. इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और दोनों हथेलियों को फर्श की तरफ करें. अब अपने शरीर का वजन अपनी हथेलियों पर डालें, सांस भीतर खींचें और अपने सिर को उठाकर पीठ की तरफ खींचें. इसके बाद अपने सिर को पीछे की तरफ खीचें और साथ ही अपनी छाती को भी आगे की तरफ निकालें. सिर को सांप के फन की तरह खींचकर रखें. लेकिन इसके बाद अपने हिप्स, जांघों और पैरों से फर्श की तरफ दबाव बढ़ाएं. शरीर को इस स्थिति में करीब 20 से 30 सेकेंड तक रखें और सांस की गति सामान्य बनाए रखें. ऐसा महसूस करें कि आपका पेट फर्श की तरफ दब रहा है. लगातार अभ्यास के बाद आप इस आसन को 2-3 मिनट तक भी कर सकते हैं |