बाल कलर करने के लिए केमिकल नहीं बल्कि ‘इस’ फूल का करें उपयोग

बढ़ती उम्र के साथ बाल सफ़ेद होना यह आम बात है। लेकिन अब कम उम्र में भी बाल सफ़ेद होने की समस्या बढ़ गई है। वर्तमान में तो छोटे बच्चों के भी बाल सफ़ेद हो रहे है। इसलिए यह चिंता का विषय हो गया है। बाल सफ़ेद होने के लिए पानी, अत्यधिक तनाव, बदलती लाइफ स्टाइल, खानपान जैसे कई कारण है। 

सफ़ेद बालों को छुपाने के लिए छोटे लड़कों को लेकर बड़ों तक सभी कलर करते है। केमिकल से भरे इस कलर से बाल काले हो जाते है। लेकिन कुछ दिनों बाद इस केमिकल से भरे कलर का बुरा असर बालों पर दिखना शुरू हो जाता है। इससे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते है। इसलिए केमिकल भरे कलर की बजाय प्राकृतिक तरीके से बाल कलर करके अपने बालों को मजबूत और स्वस्थ्य रखें। 

बालों को प्राकृतिक कलर करने के लिए जसवंत के फूलों का उपयोग किया जा सकता है। आयुर्वेद में जसवंत के फूल को एक बेहतर दवाई का फूल माना गया है। इसलिए बालों की समस्याओं के लिए जसवंत के फूल का उपयोग कर सकते है। जसवंत के फूल और पत्ते को पीसकर इसके मिश्रण का लेप बालों पर लगाने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है। रुसी को कम करता है। बालों के तेल में भी जसवंत के फूल का उपयोग किया जाता है।  

जसवंत के फूल का कलर
> जसवतं के फूल बालों को प्राकृतिक रंग के साथ-साथ, बाल चमकदार भी बनाते है। बालों के विकास के लिए और रुसी कम करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। 

> जसवंत के फूल का कलर बनाने के लिए एक बर्तन में दो कप पानी गर्म करें। गर्म पानी में एक कप जसवंत फूलों की पंखुडिया डालें, 15-20 मिनट के बाद पानी ठंडा होने पर उसे एक स्प्रे बोतल में भरें।

> बालों को कलर करने पहले बाल अच्छी तरह से धोए।  जिसके बाद कंगी की मदद से पुरे बालों को स्प्रे से कलर करें। फिर एक घंटे तक इसे सुखाये और पानी से बालों को धोए।   

बालों प्राकृतिक कलर करने के लिए यह उपाय अच्छा रहेगा। इसे बालों को कोई भी साइड इफ्फेक्ट नहीं होगा और बाल एकदम काले और चमकदार होने में मदद करेगा।