क्यों और कब आती है हिचकी ? जानें इसे रोकने के उपाय

सीमा कुमारी

अक्सर हम सभी देखते है की किसी को कभी न कभी तो हिचकी आती ही है . लेकिन हम कभी नहीं जानने की कोशिश करते है की हिचकी क्यों आती है. वैसे तो हिचकी आना आम बात है.  लेकिन हमारे बुजुर्गो का कहना है की जब हमें कोई याद करता है तो हमें हिचकी आती है. लेकिन मेडिकल साइंस का मानना है की ‘डायाफ्राम’ नामक मांसपेशी हृदय और फेफड़े को पेट से अलग करती है. श्वसन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जब इसमें कॉन्ट्रैक्शन अर्थात संकुचन होता है तब हमारे फेफड़ों में हवा के लिए जगह बनती है. जब डायफ्राम मांसपेशी का संकुचन अचानक बार-बार होने लगता है तो हमें हिचकी आने लगती है. हिचकी के समय जो आवाज़ आती है वह ग्लोटिस (वोकल कॉर्ड्स के बीच की ओपनिंग, जिसे कंठद्वार कहा जाता है) के जल्दी-जल्दी बंद होने के चलते आती है. हिचकी सभी को आती है चाहे वो बड़े हो या छोटे और पुरुष हो या महिला ये आम समस्या है.

हिचकी को कैसे रोके :-

  • ऐसे देखा जाए तो हिचकी अपने आप कुछ देर में ठीक हो जाती है. इसको ठीक करने के लिए दवाई की जरुरत नहीं है. लेकिन अगर हिचकी लगातार 2-3 दिन से आ रही है तो ये एक बीमारी हो सकती है. ऐसे में जल्द से जल्द इलाज करवाना चाहिए.
  • जब हिचकी आती है, उसी समय पानी पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है या फिर आप चीनी भी खा सकते है इससे भी हिचकी आना बंद हो जाती है.
  • हिचकी रोकने में नींबू और शहद भी लाभकारी होता है. एक चम्मच नींबू का रस निकालें और उसमें शहद मिलाएं और फिर उसे पी जाएं. इससे हिचकी बंद हो जाएगी.
  • ज़मीन पर लेट जाएं. घुटनों को अपने सीने की ओर खींचें. ऐसा करने से भी हिचकी की समस्या दूर हो जाती है.
  • हिचकी के दौरान अगर आप उस इंसान को अचानक कुछ खबर सुना दे या उसके ऊपर किसी तरह का झूठा इल्जाम लगा दें, तो ये सुनकर अक्सर लोगों का हिचकी बंद हो जाता है.