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    नई दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को बताया कि उत्तराखंड (Uttrakhand) में सात फरवरी को हिमखंड टूटने के कारण आई विकराल बाढ़ की घटना में अब तक 74 शव बरामद कर लिये गए हैं और 130 लोग अब भी लापता हैं। लोकसभा में बेन्नी बेहनन और डी एम कथीर आनंद के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ऋृषिगंगा और धौली गंगा मे अचानक आई बाढ़ के कारणों को समझने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों को सुझाने के लिये केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के विशेषज्ञों की एक संयुक्त अध्ययन टीम गठित की है। 

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने भी हिमनदी से बनी प्राकृतिक झील और इसके प्रभावों की समीक्षा करने के लिये एक समिति गठित की है । गृह राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘उत्तराखंड सरकार से प्राप्त सूचना के अनुसार, अब तक 74 शव बरामद कर लिये गए हैं और 130 लोग अभी भी लापता बताये जाते हैं।” 

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाने वाले लोगों के निकट संबंधियों के लिये 4-4 लाख रूपये के अनुग्रह राशि की घोषणा की है। राय ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संशोधित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना तैयार की है जिसमें हिमनदी से बनी झील के कारण आने वाले बाढ़ से जुड़े विषयों का विस्तार से निराकरण किया गया है।