Nadda inaugurates BJP office in Kerala

नई दिल्ली. कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कहा कि एक ‘शाही परिवार और उसके दरबारियों’ को यह बड़ा भ्रम है कि वे ही पूरा विपक्ष हैं। उन्होंने कहा कि एक ‘खारिज और अस्वीकृत’ परिवार पूरे विपक्ष के बराबर नहीं हो सकता। नड्डा ने ट्वीट में जाहिर तौर पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एकता और एकजुटता का समय है और ‘शाही परिवार के उत्तराधिकारी को एक बार फिर स्थापित करने के लिए इंतजार किया जा सकता है’।

राहुल गांधी ने हाल ही में चीन के साथ सीमा विवाद से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की थी जिसे लेकर नड्डा ने पटलवार किया है। नड्डा ने कहा कि ‘एक परिवार के कर्मों’ की वजह से भारत ने हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन गंवा दी। उन्होंने दावा किया कि सियाचिन ग्लेशियर, जहां आज भारतीय सेना की मजबूत मौजूदगी है, हमारे पास से लगभग चला ही गया था।। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हैरानी की बात नहीं है कि देश ने उन्हें खारिज कर दिया है। नड्डा ने सियाचिन पर अपने दावों के समर्थन में एक खबर की कतरन भी ट्वीट के साथ साझा की। नड्डा ने कहा, ‘‘एक शाही परिवार और उसके वफादार दरबारियों को बड़ा भ्रम हो गया है कि एक परिवार ही समूचा विपक्ष है। एक राजवंश अपनी नौटंकी दिखाता है और उसके दरबारी इस झूठे विमर्श को फैलाते हैं। ताजा मामला विपक्ष के सरकार से सवाल करने का है।”

भाजपा अध्यक्ष ने गांधी परिवार या उसके किसी सदस्य का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बात का संदर्भ स्पष्ट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष अधिकार है कि वह सवाल पूछे और साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अच्छे माहौल में विचार-विमर्श भी हुआ जिसमें अनेक विपक्षी नेताओं ने अपने मूल्यवान विचार दिए। नड्डा ने कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं ने आगे के रास्ते पर विचार करने में केंद्र का साथ दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक परिवार अपवाद था। कोई अनुमान लगा सकता है कि कौन सा परिवार।” गांधी परिवार पर हमला जारी रखते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘एक खारिज और अस्वीकृत परिवार पूरे विपक्ष के समान नहीं है। एक शाही परिवार के हित भारत के हित नहीं हैं। आज देश एकजुट है और हमारे सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है। यह एकता और एकजुटता का समय है। ‘शाही परिवार के उत्तराधिकारी’ को पुन: स्थापित करने के लिए इंतजार किया जा सकता है।”(एजेंसी)