कमलनाथ पर “एक्शन” सोनिया गांधी के “विवेक” पर निर्भर : सिंधिया

इंदौर. दलित समुदाय की भाजपा नेता इमरती देवी के बारे में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कथित अभद्र टिप्पणी की आलोचना जारी रखते हुए राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। सिंधिया ने कमलनाथ की विवादित टिप्पणी के खिलाफ यहां भाजपा के मौन धरने में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी स्वयं एक महिला हैं और यह पार्टी महिलाओं की रक्षा की बात करती है। लेकिन खुद को इस पार्टी का बड़ा नेता समझने वाले कमलनाथ ग्रामीण परिवेश के गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली उन दलित नेता इमरती देवी को लेकर अभद्र टिप्पणी करते हैं जो उनके पूर्व मंत्रिमंडल की सदस्य भी रही हैं।”

उन्होंने कहा, “अब हमें यह उनके (सोनिया गांधी) विवेक पर छोड़ना होगा कि वह इस मामले में (कमलनाथ को लेकर) क्या एक्शन (कदम) लेती हैं?” कांग्रेस छोड़कर सात महीने पहले भाजपा में शामिल होने वाले सिंधिया ने जोर देकर कहा, “अगर इस मामले में कोई भी एक्शन नहीं लिया गया, तो स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर है तथा इस पार्टी का ढोंग पूरे देश की जनता के सामने आ जाएगा।” राज्यसभा सदस्य ने इमरती देवी के बारे में कमलनाथ की विवादित टिप्पणी को देश भर की महिलाओं के साथ ही समूचे दलित समुदाय का भी अपमान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी इमरती देवी को एक सभा में “जलेबी” कहकर उनका अपमान किया है। अजय सिंह, कांग्रेस के दिवंगत नेता अर्जुन सिंह के बेटे हैं।

सिंधिया ने कहा, “मैं दावे से कह सकता हूं कि अगर अर्जुन सिंह आज जिंदा होते, तो उनके बेटे के मुंह से एक दलित महिला के लिए ऐसे शब्द नहीं निकल सकते थे।” उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कुछ साल पहले एक सभा में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के लिए सार्वजनिक तौर पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया था जिन्हें वह दोहरा भी नहीं सकते। सिंधिया ने कहा, “तीनों कांग्रेस नेताओं के अभद्र बयान दलितों और महिलाओं के प्रति इस पार्टी की असली सोच बताते हैं। इन नेताओं ने अपनी शर्मनाक बयानबाजी से सूबे के साढ़े सात करोड़ लोगों के माथे पर कलंक लगा दिया है।”

खंडवा जिले में सिंधिया की रविवार को आयोजित चुनावी सभा के दौरान 70 वर्षीय किसान की कथित रूप से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बुजुर्ग किसान की मौत के बावजूद भाजपा की इस संवेदनहीन सभा में लगातार भाषण दिए जाते रहे और और भाजपा का कोई भी नेता दिवंगत व्यक्ति के सम्मान में मंच से नीचे नहीं उतरा। सिंधिया ने इस आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके सभा स्थल पर पहुंचने से कई घंटे पहले ही बुजुर्ग किसान की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा, “मैंने अपना भाषण शुरू करने से पहले बुजुर्ग किसान के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभा में दो मिनट का मौन रखवाया था और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की थी।”(एजेंसी)