Urmila Matondkar

मुंबई: बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर (Urmila Mathondar) ने मंगलवार को अपने नए सियासी सफर की शुरुआत कर दी है। उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस को अलविदा कह कर अब शिवसेना (Shivsena) का दामन थाम लिया है।

शिवसेना प्रमुख (Shivsena Chief) और महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में उर्मिला मातोंडकर शिवसेना में शामिल हुईं। वैसे उर्मिला इससे पहले साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस (Congress) के टिकट पर उत्तर मुंबई से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें बीजेपी के गोपाल शेट्टी (Gopal Shetty) ने हरा दिया था।

 

खबर है कि, शिवसेना में शामिल होने के बाद उर्मिला को विधान परिषद में भेजा जा सकता है। अभिनेत्री से नेता बनीं उर्मिला मातोंडकर अपने इस नए सफर की शुरुआत करते हुए मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पर पहुंचीं जहां उन्होंने ने सीएम ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना की सदस्यता ली। उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे ने उन्हें शिव बंधन बांधकर पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर उद्धव ठाकरे के पार्टी के कई बड़े नेता इस मौके पर मौजूद थे।

शिवसेना ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बी एस कोश्यारी के पास उर्मिला मांतोंडकर का नाम विधान परिषद में राज्यपाल कोटा से नामित करने के लिए भेजा है। इस कोटे के लिए महा विकास अघाडी ने 11 और नाम भेजे हैं। हालांकि राज्यपाल ने फिलहाल किसी भी नाम को मंजूरी नहीं दी है। 

बीजेपी का शिवसेना पर निशाना 

बीजेपी (BJP) नेता राम कदम (Ram Kadam) ने कहा है कि शिवसेना अब स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackeray) वाली शिवसेना नहीं रही। अपने बयान में राम कदम ने शिवसेना पर आरोप लगते हुए कहा, “शिवसेना ने जबसे कांग्रेस के साथ सांठगांठ की है तब से शिवसेना हिंदुत्व त्याग चुका है।”

उर्मिला मातोंडकर को शामिल कर शिवसेना ने अपनी महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं का एक तरह से अवमूल्यन किया है- बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर   

उर्मिला मातोंडकर  के कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल पर बीजेपी ने शिवसेना पर तंज कसा है। बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर (Pravin Darekar) ने कहा है कि, “शिवसेना के लिए कड़ी मेहनत करने वाली शिवसेना की महिला मोर्चा लेकर सड़कों पर उतरे थे और शिवसेना के लिए लाठियां भी खाते थे। इसलिए, शिवसेना प्रमुख ने महिला मोर्चा को सम्मानित किया था लेकिन अब उर्मिला मातोंडकर को शिवसेना में शामिल कर के, शिवसेना ने अपनी महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं का एक तरह से अवमूल्यन किया है।”

एक बयान जारी कर प्रवीण दरेकर ने कहा, पार्टी में किसे शामिल होने देना है, यह सवाल पार्टी का है। उर्मिला मातोंडकर के प्रवेश से महिलाओं के मोर्चे को मजबूती मिलेगी ऐसा वक्तव्य देने का मतलब बालासाहेब द्वारा शिवसेना की महिला कार्यकर्ताओं को रणरागिनी के रूप में दिए गए सम्मान पर पानी फेरने का काम शिवसेना ने किया है। खुद शिवसेना बदल रही है। प्रियंका चतुर्वेदी को सांसद बनाया। लोकसभा मे कांग्रेस के जिस उम्मीदवार को कांग्रेस ने टिकट दिया था वही उमीदवार आज शिवसेना मे शामिल हो गईं  हैं। इससे ऐसा लग रहा है की  शिवसेना की राजनीति कांग्रेस और एनसीपी के साथ सत्ता के समीकरण के इर्द-गिर्द घूमती दिख रही है, जिससे पार्टी की मूल विचारधारा अलग हो जाएगी। 

उन्होंने कहा है कि, शिवसेना के महिला मोर्चा के कई कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के लिए कड़ी मेहनत की। उदाहरण के लिए, मीना कांबली, उमेश पवार, सुधाताई चुरी ने सड़कों पर शिवसेना के लिए काम किया था। उनके काम को शिवसेना प्रमुख ने सम्मानित भी किया था लेकिन अब उर्मिला मातोंडकर को पार्टी में स्वीकार करते हुए, शिवसेना ने अपनी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं का अवमूल्यन किया है।