हिंसा में 86 पुलिसकर्मी हुए घायल, उपद्रवियों पर दर्ज की FIR

नई दिल्ली: किसान परेड (Farmer Parade) के नाम पर हिंसा करने पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बढ़ा कदम उठाया। पुलिस ने हिंसा करने, पुलिस वालों को घायल करने और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने को लेकर सात एफआईआर (FIR) दर्ज की है। दिल्ली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि, “आज किसान रैली (Farmer Tractor Rally) के दौरान पूर्वी दिल्ली (East Delhi) में बर्बरता के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं। आठ बसों और 17 निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई।”

86 पुलिसकर्मी हुए घायल

किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में 86 पुलिसवाले हुए घायल हुए हैं। इनमें से 45 को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इसी के साथ कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।” दिल्ली पुलिस के अनुसार द्वारका इलाके में हुई हिंसा में मोहन गार्डन पुलिस स्टेशन के SHO सहित 30 पुलिसकर्मी ने गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस संबंध में तीन एफआईआर दर्ज की गई है।

मामले पर कड़ी नज़र 

दिल्ली में हुई हिंसा के बाद बनी स्थिति पर पुलिस ने कहा, “दिल्ली पुलिस स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है और विभिन्न स्थानों से रिपोर्ट की गई कई घटनाओं के बारे में घातक निर्देशों के साथ कानून के निर्देशों के उल्लंघन, दंगे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और सार्वजनिक नौकर पर हमला करने के मामले दर्ज कर रही है।”

पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश 

दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा, “किसान नेताओं के साथ बातचीत में रूट निर्धारित किए गए थे परन्तु आज सुबह 9:30 बजे एक गुट ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और गाजीपुर बॉर्डर के पास पहली झड़प पुलिस के साथ हुई। पुलिस द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश की गई।” 

उन्होंने कहा, “काफी उग्र तरीके से ट्रैक्टरों द्वारा पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। व्यापक पैमाने पर तोड़फोड और नुकसान किया गया। काफी उग्र तरीके से ये रैली की गई, इसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

कई दौर की बैठक के बाद इजाजत 

हिंसा पर दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा, “कई दौर की बैठकों के बाद ट्रैक्टर रैली के लिए समय और मार्गों को अंतिम रूप दिया गया। लेकिन किसानों ने ट्रैक्टरों को मार्गों से हटा दिया और तय समय से पहले, बर्बरता की ओर बढ़ गए, जिसमें कई पुलिस कर्मी घायल हो गए।”

उन्होंने कहा, “सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। मैं प्रदर्शनकारी किसानों से हिंसा में लिप्त नहीं होने, शांति बनाए रखने और नामित मार्गों से लौटने की अपील करता हूं।”