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नई दिल्ली: कृषि कानूनों (Agriculture Bill) पर केंद्र सरकार दिए गए प्रस्ताव पर किसान संगठन (Farmer Organizations) कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। जहां पहले खबर आई की संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है, वहीं अब भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) जगजीत सिंह डल्लेवाल (Jagjit Singh Dallewal) ने कहा, “अभी मीटिंग जारी है। सरकार का प्रस्ताव पर अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है।”

ज्ञात हो कि, गुरुवार को सिंघु बार्डर (Singhu Border) पर संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) ने सरकार से मिले नए प्रस्ताव पर सोचने के लिए बैठक बुलाई है। इस बैठक में आंदोलन कर रहे 32 किसान संगठन के नेता शामिल हुए। बैठक में तय होगा की सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए या अस्वीकार।

कानून पर लगाएंगे अस्थाई रोक 

कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठन और सरकार के बीच दसवें दौर की बैठक हुई इस बैठक में केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा प्रस्ताव किसानों को दिया। सरकार ने कहा, “तीनों कृषि कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर डेढ़ से दो साल तक अस्थाई रोक लगा देंगे इसके बाद एक समिति का गठन किया जाएगा जिसमें तीनों कानून और एमएसपी पर चर्चा करेंगे, इसके बाद समिति जो रिपोर्ट देगी उसे लागू करेंगे।

तीनों कानूनों को करे समाप्त 

बैठक के बाद बाहर निकले किसान नेता जोगिंदर एस उग्राहन ने कहा, “यह निर्णय लिया गया है कि सरकार के किसी भी प्रस्ताव को तब तक स्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक कि वे कानूनों को निरस्त नहीं करते। कल की बैठक में (सरकार के साथ) हम कहेंगे कि हमारी केवल एक मांग है, कानूनों को निरस्त करना और कानूनी रूप से एमएसपी को अधिकृत करना। इन सभी को सर्वसम्मति से तय किया गया है।”