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    नयी दिल्ली. जहाँ देश में कोरोना के कहर और फिर पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) के कारण सड़क परिवहन तो पहले ही महंगा था, लेकिन वहीं अब देश के भीतर हवाई यात्रा (Domestic air fare will increase) भी महंगी होने जा रही है। जी हाँ अब केंद्र सरकार ने हवाई किराये की न्यूनतम सीमा को 16% तक बढा़न को मंजूरी दे दी है।

    इतना ही नहीं हवाई किराये की निचली सीमा में 13 से 16% तक इजाफा किया गया है। विमानन मंत्रालय के शुक्रवार को इस के तह एक आदेश जारी किया है। बता दें कि हवाई यात्रा किराये में यह बढ़ोतरी आगामी 1 जून से प्रभाव में आ जाएगी। हवाई किराये की अधिकतम सीमा को हालांकि नहीं बदला गया है। इस फैसले से कोरोना को लेकर सुरक्षित यात्रा के लिए हवाई सफर की सोच रहे हवाई यात्रियों को अब बड़ा झटका लगेगा।

    विदित हो कि केंद्र सरकार के इस कदम से एयरलाइन कंपनियों को मदद मिलेगी, जो कोरोना काल से जुड़ी पाबंदियों की मार पहले से ही झेल रही हैं। पता हो कि कोरोना की दूसरी लहर के चलते हवाई यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई जिसकी एयरलाइनों की कमाई भी घटी है। देश में अब हवाई उड़ान अवधि के आधार पर हवाई यात्रा किराये की निचली और ऊंची सीमा निर्धारित की गई है। यह सीमा बीते  साल 2 माह चले लॉकडाउन के 25 मई को खुलने के समय तय की गई।

    अब उड्डयन मंत्रालय के बीते शुक्रवार को एक आदेश में कहा कि 40 मिनट तक की अवधि की हवाई उड़ान के लिये किराये की निचली सीमा को 2300 रुपये से बढ़ाकर अब 2600 रुपये की गई है, यानी इसमें 13% की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह 40 मिनट से लेकर 60 मिनट की उड़ान अवधि के लिये किराये की निचली सीमा 2900 रुपये की जगह अब 3,300 रुपये प्रति यात्री होगी।

    गौरतलब है कि DGCA ने पिछले साल मई में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए कुल 7 फेयर बैंड की घोषणा की थी। ये 7 प्राइस बैंड यात्रा के समय पर आधारित हैं। पहला बैंड उन फ्लाइट के लिए हैं, जो 40 मिनट तक की यात्रा करती हैं। बाकी के बैंड क्रमशः 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट, 120-150 मिनट, 150-180 मिनट और 180-210 मिनट के हैं।