Demand for action against IAS officer for 'causing disturbance' during Amarnath Yatra

    नयी दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (LG Manoj Sinha) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जल्द ही वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा आयोजित करने पर फैसला करेगी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि लोगों की जान बचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

    हिमालय के ऊंचाई वाले हिस्से में 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव के गुफा मंदिर के लिए 56-दिवसीय यात्रा 28 जून को पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू होनी है और यह यात्रा 22 अगस्त को समाप्त होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस साल अमरनाथ तीर्थयात्रा होगी, सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है। कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए हम जल्द ही फैसला करेंगे, शायद कल तक।” वर्ष 2020 में महामारी के कारण तीर्थयात्रा रद्द कर दी गई थी। 

    इससे पहले, सिन्हा ने विकास की पहलों के अलावा, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्र सरकार तथा जम्मू कश्मीर प्रशासन के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारी शामिल हुए। 

    आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और वहां किए जा रहे सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि शीर्ष अधिकारियों ने शाह को नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति के बारे में भी बताया। (एजेंसी)