शिवसेना  अवसरवाद की राजनीति कर रही है: असदुद्दीन ओवैसी

गुवाहाटी, नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संगठनों की तरफ से संयुक्त रूप से बुलाया गया 11 घंटे का बंद मंगलवार सुबह पांच बजे शुरू हो गया। पूर्वात्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) ने इस विधेयक के खिलाफ

नई दिल्ली,

  • 5.25 PM. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, " लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2017 का समर्थन किया, यह ‘भांगड़ा राजनीति’ है। वे ‘धर्मनिरपेक्ष’ लिखते हैं, सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम में, यह विधेयक धर्मनिरपेक्षता और अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। यह अवसरवाद की राजनीति है।"

 

  • 02. 53 P.M – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार को बड़ा झटका दिया है। उद्धव का कहना है कि जब तक चीजें पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती, वो राज्‍यसभा में इस बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन नहीं करेंगे। उन्‍होंने बताया कि बिल को लेकर कुछ बदलाव करने की मांग उन्‍होंने की है।
  • 02. 43 P.M- भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कई पूर्वोत्तर राज्यों के विपरीत, सिक्किम को नागरिकता (संशोधन) विधेयक के दायरे से बाहर नहीं रखे जाने पर मंगलवार को निराशा जाहिर की. ‘हमरो सिक्किम पार्टी’ के कार्यकारी अध्यक्ष भूटिया ने इस बात को लेकर डर जताया कि इस विधेयक के कारण हिमालय राज्य को मिलने वाले विशेष प्रावधान कमजोर पड़ सकते हैं, जो उसे संविधान के अनुच्छेद 371एफ के तहत हासिल है.
  • 01. 43 P.M कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसदों को कल राज्यसभा में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। बता दें कि इससे पहले भाजपा भी अपने सभी सांसदों को 10-11 दिसंबर को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
  • 01. 13 P.M –  असम के गुवाहाटी में नागरिकता बिल का भारी विरोध हो रहा है. छात्र संगठन सड़कों पर उतर कर विरोध रहे हैं. छात्रों की ओर से मार्च निकाला जा रहा है अब इसमें असम के फिल्म एक्टर भी शामिल हो गए हैं. मंगलवार को असम एक्टर बरशा रानी और उत्पल दास ने इस बिल के विरोध में प्रदर्शन किया.
  • 01. 08 P.M – राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नागरिकता संशोधन विधेयक संविधान पर हमला है. जो कोई भी इसका समर्थन करता है वो हमारे देश की बुनियाद पर हमला और इसे नष्ट करने का प्रयास कर रहा है.’’
  •  01. 05 P.M – नागरिकता संशोधन बिल पर गुवाहाटी में भी व्यापक प्रदर्शन. 
  • 12. 25 P.M – लोकसभा में बोले अमित शाह, कश्मीर में 99.5 फीसदी छात्र परीक्षाओं में उपस्थित हुए हैं, श्रीनगर में 7 लाख लोगों ने ओपीडी सेवा ली है। कर्फ्यू और धारा 144 हटाई जा चुकी है। लेकिन अधीर रंजन चौधरी जी के सामान्य हालात का पैमाना केवल राजनीतिक काम हैं। स्थानीय चुनाव भी तो हुए, उसका क्या।
  • 12. 15 P.M –लोकसभा में बोले अमित शाह, कश्मीर घाटी में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है, मैं यहां कांग्रेस की बात को सही नहीं ठहरा सकता, क्योंकि उन्होंने Article 370 को निरस्त करने के बाद खून खराबे की भविष्यवाणी की थी। उस तरह का कुछ नहीं हुआ, एक गोली भी नहीं चली.
  • 12. 10 P.M –शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में अलग विचार कर सकती है. बता दें कि लोकसभा में शिवसेना ने इस बिल के समर्थन में वोट दिया था.
  • 11. 55 A.M – नागरिकता संशोधन बिल पर लेफ्ट की पार्टियों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया. नेताओं का कहना है कि हम बिल के खिलाफ हैं और इस बिल को पास होने से रोकेंगे.
  • 11. 35 A.M – शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में अलग विचार कर सकती है. बता दें कि लोकसभा में शिवसेना ने इस बिल के समर्थन में वोट दिया था.
  • 11. 28 A.M – लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है, लेकिन राज्यसभा में इस बिल को बुधवार को पेश किया जाएगा. बुधवार दोपहर दो बजे से इस बिल पर ऊपरी सदन में बहस शुरू होगी. बिल पर बहस के लिए 6 घंटे का समय अलॉट किया गया है. 
  • 11.16 A.M – शीतकालीन सत्र: गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंचे.
  • 11.06 A.M – नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि इस ‘असंवैधानिक’ विधेयक पर लड़ाई उच्चतम न्यायालय में लड़ी जाएगी. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक असंवैधानिक है. संसद ने उस विधेयक को पारित किया जो असंवैधानिक है और अब लड़ाई उच्चतम न्यायालय में होगी.’
  • 10.40 A.M – अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संघीय अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक ‘‘गलत दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम’’ है और यदि यह भारत की संसद में पारित होता है तो भारत के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. यूएससीआईआरएफ ने सोमवार को एक बयान में कहा कि विधेयक के लोकसभा में पारित होने से वह बेहद चिंतित है.
  • 10.30 A.M – त्रिपुरा: नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के खिलाफ अगरतला में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
  •  10.10 A.M – असम के कई शहरों में सड़कों पर उतरे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इससे पहले नगरिकता बिल (Citizenship Amendment Bill 2019) के खिलाफ मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध जताया. वहीं, स्थानीय कलाकार, लेखक, बुद्धिजीवी समाज और विपक्षी दलों के लोग अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध जता रहे हैं.
  • 10.00 A.M – पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. असम के गुवाहाटी में आज इस बिल के खिलाफ 12 घंटे का बंद रखा जा रहा है. इस दौरान शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, दुकानें और मार्केट बंद रहेंगे

नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संगठनों की तरफ से संयुक्त रूप से बुलाया गया 11 घंटे का बंद मंगलवार सुबह पांच बजे शुरू हो गया। पूर्वात्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) ने इस विधेयक के खिलाफ शाम चार बजे तक बंद का आह्वान किया है। कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इसे अपना समर्थन दिया है। इस बंद के आह्वान के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के मूल निवासियों को डर है कि इन लोगों के प्रवेश से उनकी पहचान और आजीविका खतरे में पड़ सकती है।

गृह मंत्री अमित शाह के मणिपुर को इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के दायरे में लाने की बात कहने के बाद राज्य में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे द मणिपुर पीपल अगेंस्ट कैब (मैनपैक) ने सोमवार के अपने बंद को स्थगित करने की घोषणा की। नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के बाद इसके पक्ष में सोमवार को 311 और विरोध में 80 मत पड़े, जिसके बाद इसे निचले सदन की मंजूरी मिल गई। इस विधेयक के खिलाफ क्षेत्र के विभिन्न संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

कांग्रेस, एआईयूडीएफ, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, कृषक मुक्ति संग्राम समिति, ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन, खासी स्टूडेंट्स यूनियन और नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन जैसे संगठन बंद का समर्थन करने के लिए एनईएसओ के साथ हैं। गुवाहाटी विश्वविद्यालय और डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय ने कल होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं टाल दी हैं। यह विधेयक अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मिजोरम में लागू नहीं होगा जहां आईएलपी व्यवस्था है इसके साथ ही संविधान की छठी अनुसूची के तहत शासित होने वाले असम, मेघालय और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्र भी इसके दायरे से बाहर होंगे।