रविशंकर, योगी के बाद शिवराज का प्रहार, पत्र दिखा कर कांग्रेस और शारद पवार को लताड़ा

हैदराबाद: कृषि कानून (Agriculture Bill) को लेकर किसान (Farmer) आर पार की मूड में आ गए हैं. जिसको लेकर किसानों ने आठ दिसंबर को भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया है. जिसको देश की 24 दलों ने अपना समर्थन दिया है. इसी को लेकर सोमवार को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh  Chauhan) ने जमकर प्रहार किया। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस (Congress) और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार (Sharad Pawar) को जमकर लताड़ लगाई। 

कांग्रेस की नाव डूब रही

हैदराबाद में आयोजित प्रेस वार्ता में शिवराज सिंह ने कहा, “कृषि कानूनों पर आज मैं कांग्रेस और डीएमके, आप, सपा, अकाली दल, टीएमसी सहित अन्य राजनीतिक दलों के पाखंड का पर्दाफाश करूंगा।” कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस का जहाज डूब रहा है इसलिए किसानों को भ्रमित करके वो अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है। 2011 में कांग्रेस ने किसानों के लिए APMC एक्ट लाने की बात बोली थी। यही हमने किया तो कांग्रेस विरोध कर रही है.”

एनसीपी चीफ पर भी हमला

शरद पवार के बयान पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह ने कहा, “शरद पवार ने 2011 में मुझे एपीएमसी को लेकर पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, मॉडल, एपीएमसी अधिनियम की तर्ज पर एपीएमसी अधिनियम में संशोधन करने की आवश्यकता है ताकि किसानों, उपभोक्ताओं और कृषि व्यापार के समग्र हित में विपणन, बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने और वैकल्पिक प्रतिस्पर्धी विपणन चैनल प्रदान किया जा सके।”

सरकार किसानों के साथ 

भाजपा नेता ने कहा, “सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उनसे संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट करेगी लेकिन किसान आंदोलन की आड़ में ऐसे तत्व जो हमारे देश में अराजकता जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं, हम उनपर भी नजर रखेंगे उनको नहीं छोडेंगे।”

24 दलों ने दिया अपना समर्थन 

किसानों ने आठ दिसंबर को भारत बंद बुलाया है. किसानों को इस बंद को देश भर की 24 से ज्यादा पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है. समर्थन देने वालों में कांग्रेस, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस, अकाली दल, आप, डीएमके, सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआई (एमएल), फॉरवर्ड ब्लाक, आरजेडी, जेएमएम, टीआरएस, टीएमसी, टीडीपी सहित अन्य शामिल है.