हमें 5 एकड़ जमीन की खैरात नहीं चाहिए, कोर्ट से हुई है चूक- असदुद्दीन ओवैसी

आज अयोध्या मामले पर चल रहे 500 साल पुराने विवाद का फैसला आ ही गया। जिसके बाद देश भर से सभी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ खुश तो कुछ नाखुश भी हैं। इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर ऑल इंडिया

आज अयोध्या मामले पर चल रहे 500 साल पुराने विवाद का फैसला आ ही गया। जिसके बाद देश भर से सभी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ खुश तो कुछ नाखुश भी हैं। इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने बयान मे कहा कि वह इस फैसले से बिलकुल खुश नहीं हैं और यह फैसला कोर्ट की चूक हो सकती हैं। जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है। 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर मस्जिद वहां पर रहती तो उच्चतम न्यायालय क्या फैसला लेती। यह कानून के खिलाफ है। बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता है। हमें हिंदुस्तान के संविधान पर भरोसा है। हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे। 5 एकड़ जमीन की खैरात की जरूरत नहीं है। मुस्लिम गरीब हैं, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए हम पैसा इकट्ठा कर सकते हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट द्वारा दिया गया 5 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भी खारिज कर देना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि  ये मुल्क अब हिंदूराष्ट्र के रास्ते पर जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अयोध्या से इसकी शुरुआत की है और एनआरसी, सिटिजन बिल से यह पूरा किया जाएगा।