नई कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा निर्णय, मंडियों के जरिये किसानों को एक लाख करोड़

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद गुरुवार को नई कैबिनेट (New Cabinet) की पहली बैठक हुई। शाम पांच बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में किसानों (Farmers) सहित स्वास्थ्य क्षेत्र (Heath) को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। जिसकी जानकारी देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा, “मोदी सरकार मंडियों को और सशक्त करना चाहती है। इसलिए सरकार अहम फैसला लिया है, जिसके तहत मंडी के जरिये किसानों को एक लाख करोड़ रुपए दिए जायेंगे।”

    एपीएमसी को एक लाख करोड़ 

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “पहले कहा गया था कि एपीएमसी को मजबूत किया जाएगा। एपीएमसी को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। किसान इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को आत्मनिर्भर भारत के तहत आवंटित 1 लाख करोड़ रुपये का उपयोग एपीएमसी द्वारा किया जा सकता है।”

    उन्होंने कहा, “एपीएमसी को खत्म नहीं किया जाएगा। कृषि कानूनों के लागू होने के बाद, एपीएमसी को केंद्र के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से करोड़ों रुपये प्राप्त होंगे, जो उन्हें मजबूत करेगा और अधिक किसानों के लिए उपयोगी होगा।”

    नारियल बोर्ड एक्ट में संशोधन 

    तोमर ने बताया, “हमारे देश में एक बड़े क्षेत्र में नारियल की खेती होती है। इसका उत्पादन बढ़े और किसानों को सहूलियत दिया जा सके इसके लिए 1981 में नारियल बोर्ड एक्ट लाया गया था इसमें हम संशोधन करने जा रहे हैं।नारियल बोर्ड का अध्यक्ष एक गैर-सरकारी व्यक्ति होगा। वह किसान समुदाय से होंगे, जो खेत के काम को जानते और समझते हैं।”

    सरकार बात करने के लिए तैयार

    कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों से कृषि मंत्री ने एक बार फिर बातचीत करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं विरोध कर रहे किसान संघों से अपना विरोध समाप्त करने और चर्चा करने की अपील करना चाहता हूं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। एपीएमसी को होगा मजबूत।”

    नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया, “आज हम लोगों ने ये भी निर्णय लिया है कि यदि व्यक्ति एक से अधिक परियोजना (अधिकतम सीमा 25 और ये परियोजना अलग-अलग स्थान पर करना होगा) करेगा तो हर परियोजना पर अलग-अलग 2 करोड़ रुपये तक ब्याज पर छूट और गारंटी की पात्रता रहेगी”