महागठबंधन में सबसे बड़ी टूट, कांग्रेस का गठबंधन से अलग होना तय

पटना: बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election) में सीट बँटवारे के बीच महागठबंधन (Grand Alliance) को सबसे बड़ा झटका लगने वाला है. राज्य में पुराने साथी रहे राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta dal) और कांग्रेस (Congress) के बीच गठबंधन टूटना लगभग तय हो गया है. जिसकी घोषणा जल्द ही हो जाएगी. इसी के साथ कांग्रेस ने पुरे 243 विधानसभा सीटों पर लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. 

सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार चुनाव में कांग्रेस द्वारा 75 सीटों की मांग को आरजेडी ने मान लिया है. जिसके बाद भी मामला फंसता नज़र आ रहा है और इतना गंभीर हो गया है की गठबंधन के टूटने तक बात आ गई है.

यह है मुख्या वजह 
सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार टूट की सबसे बड़ी वजह आरजेडी द्वारा जाने वाली 75 सीटों में से 10 सीट शहरी क्षेत्र की है. जिसको लेकर कांग्रेस नाखुश है. कांग्रेस का कहना है कि इन 10 विधानसभा सीटों पर उसका संगठन तैयार नहीं है, अगर वह इन सीटों पर चुनाव में उतरती है तो उसे हार का मुँह देखना पड़ेगा, जो उसके लिए फायदे का सौदा नहीं होगा. 

कांग्रेस ने आगे कहा, “राजद भले ही 75 सीट दे रही हो, लेकिन अगर देखा जाए तो वह 65 सीट ही है. जो हमारे लिए सम्मान जनक नहीं है. इसलिए अब रास्ते अलग हुआ तय हो गया है.”

अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार 
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मिली जानकरी के बाद राज्य की 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है, उम्मीदवारों के नाम का चयन भी शुरू हो चुका है, आने वाले एक दो दिनो में उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी हो जाएगा. 

मांझी और कुशवाहा छोड़ चुके महागठबंधन 
कांग्रेस के पहले जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (Rashtriya Lok Samata Party) महागठबंधन को छोड़ चुके है.  मांझी जहां फिर से एनडीए में शामिल हो चुके हैं, वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने बीएसपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.