bihar election

नयी दिल्ली. एक तरफ जहाँ बिहार (Bihar) में विधान सभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) का शंखनाद हो चूका है। वहीं अब चुनावों के तारीखों के एलान होने के बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियाँ अपनी कमर कस चुकी हैं। जहाँ इस चुनाव में कोरोना (Corona) के चलते बार बड़ी-बड़ी रैलियां, रोड शो नहीं होने वाले।

वहीं अब सारा राजनीतिक प्रचार वर्चुअल (Virtual) माध्यमों से होगा । जो कि इस कोरोना काल के चुनाव कि सबसे अनूठी बात होगी । खैर इसके लिए भी सारी राजनीतिक पार्टियों ने अपने तरफ से ‘वर्चुअल’ होने की पूरी तैयारी कर ली है।

गौरतलब है कि 2013 से BJP का पर्याय या चेहरा एक प्रकार से  PM नरेन्द्र मोदी ही हैं। जिनके नाम मात्र से  या उनकी रैलियों में ही प्रचुर भीड़ जुटती थी। यही नहीं यही आने वाली भीड़ आगे जाकर वोटों या फिर चुनाव जीतने की गारंटी बन जाती थी।

लेकिन इस बार माला जरा उलट है क्योंकि अब कोरोना काल में  बड़ी-बड़ी रैलियां तो होने से रही। लिहाजा अब BJP भी अब ‘वर्चुअल प्रचार’ के लिए सबसे की सबसे व्यापक तैयारी लेकर मैदान में उतर रही है । इसके लिए 70 हजार से ज्यादा एलईडी टीवी की व्यवस्था तो की ही गयी है लेकिन इसमें बताया जा रहा है कि ज्यादातर टीवी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घर की होंगी।

आइये आपको बताते हैं कि कौनसी पार्टी कर रहीं हैं कैसी तैयारी :

1. BJP ने बनाए  वॉट्सऐप ग्रुप बनाए, 60 हजार कार्यकर्ताओं की हुई  ट्रेनिंग 

  • अगर देखा जाए तो सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा और बेहतरीन  इस्तेमाल BJP ही करती आ रही है। यह कहना भी प्रासंगिक होगा कि 2014 का चुनाव BJP ने सोशल मीडिया पर ही  लड़ा था । वहीं इस बार भी बिहार में होने जा रहे इस चुनाव में   BJP अपने  वर्चुअल प्रचार के रथ में सबसे आगे चल रही है।आपको बता दें कि BJP ने समूचे  बिहार प्रदेश में ऐसे 150 प्रचार रथों को काम पर भी लगा दिया है, जिनका काम ही अब  गली, चौक-चौराहों पर उनके शीर्ष नेताओं के भाषणों को सीधे लोगों तक पहुंचाना है।
  • वहीं BJP अब तक अपने डेढ़ लाख वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए 4 करोड़ लोगों से सीधे अपना कनेक्शन बना लिया है   है। इस कार्य के लिए बूथ लेवल से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल और स्टेट लेवल तक पार्टी ने 9।5 हजार IT प्रभारियों को इस काम पर लगा भी  रखा है। यही नहीं  बूथ लेवल के 60 हजार कार्यकर्ताओं को वर्चुअल कैंपेन की ट्रेनिंग भी अग्रिम रूप से  दी जा चुकी है।
  • अब अगर BJP आईटी सेल की मानें तो उनके किसी भी वर्चुअल मीटिंग में एक बार में 10 हजार कार्यकर्ताओं को एक साथ सीधे तौर पर  जोड़ा जा सकता है। इस मीटिंग में एक-दूसरे से दोतरफा बातचीत भी हो सकती है।

इसके साथ हो रहा घर-घर जाकर  प्रचार

  • बताया जा रहा है BJP सिर्फ वर्चुअल प्रचार ही नहीं, बल्कि घर-घर जाकर भी प्रचार कर रही है। इसके लिए  अब तक सभी 243 विधानसभा सीटों के प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ ऐसी कई मीटिंग कर चुकी है।
  • वहीं बिहार में BJP कार्यकर्ता लगभग हर घर तक पहुंच चुके हैं। इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को सभी विधानसभा सीटों में कम से कम 5 हजार घरों तक जाना था, जो अब तक लगभग पूरा भी हो चुका है।
  • BJP ने इस बार एक नई रणनीति आजमा रही है। जिसके तहत पार्टी के हर कार्यकर्ता अब  विरोधी पार्टी के एक कार्यकर्ता को BJP में शामिल कराने का टारगेट पूरा कर रहा  है।

2. JDU भी नहीं पीछे,  वॉट्सऐप से जोड़ा 31 लाख लोगों को , लाइव ऐप भी हुआ शामिल  

  • CM नीतीश कुमार भी अन इन मामलो में पीछे नहीं है। उन्होंने 7 सितंबर को बिहार में वर्चुअल रैली कर अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत तो कर ही दी थी। यही नहीं JDUने वर्चुअल रैली से लोगों को सीधे जोड़ने के लिए अपना JDU लाइव ऐप भी बनवा रखा है  ।
  • JDU ने अब तक 31 लाख लोगों को वॉट्सऐप पर जोड़ा  है। वहीं हर रविवार को ‘बिहार के नाम, नीतीश के काम’ नाम से न्यूजलेटर भी इन वॉट्सऐप ग्रुप्स  पर जारी होता है।  इस ऐप के जरिए 10 लाख लोगों को सीधे तौर ऑनलाइन जोड़ा जा सकता है।
  • यही नहीं JDU का दावा है कि बिहार के हर विधानसभा क्षेत्र  में अब तक करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर का पूर्ण डेटा भी  तैयार किया गया है। हर ब्लॉक में तो वर्चुअल सेंटर तैयार हैं ही , जहां से पार्टी के नेता वर्चुअल माध्यमों से  से लोगों से सीधी बात करेंगे।
  • पार्टी ने अपने तीन मंत्रियों अशोक चौधरी, संजय झा और नीरज कुमार को सिर्फ  इस कार्य में लगा रखा है कि कैसे सोशल मीडिया पर लोगों को जोड़ा जाए?  अब इन मंत्रियों को तीन-तीन प्रमंडल की भी  जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही इनके पास फेसबुक, जूम और वॉट्सऐप ग्रुप बनाने का भी बड़ा कार्य दिया जा चूका  है।

3. RJD ने बनाया अपना  वॉर रूम बनाया नेता सीधे जुड़ रहे अपने कार्यकर्ताओं से 

  • खबर के अनुसार 10 सर्कुलर रोड पर RJD ने अपना वॉर रूम बना रखा  है, यहाँ  से तेजस्वी-तेजप्रताप के साथ ही साथ  पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी लगातार ट्विटर और फेसबुक के जरिए अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़ रहे हैं।
  • यही नहीं फेसबुक लाइव के जरिए तेजस्वी लगातार जनता से बात कर रहे हैं। वहीं पार्टी के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को  भी दक्ष करने के लिए डिजिटल तकनीक की ट्रेनिंग  दी गई है।
  • इसके साथ  प्रखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुप बनाने का कार्य हो चूका  है। इनके जरिए बिहार के 25 लाख वोटरों से जुड़ने का प्रमुख मिशन पर काम हो रहा   है।

4. Congress भी पीछे नहीं  डिजिटल मेंबरशिप से 5 लाख लोग जुड़े 

  • इधर अब प्रदेश Congress ने भी  वर्चुअल प्रचार की खासी तैयारी कर रखी  हैं। पार्टी ने अभी तक 40 वर्चुअल मीटिंग कर चुकी है, जिसे राष्ट्रीय नेताओं ने सीधे संबोधित किया है।
  • इसके साथ ही Congress पार्टी ने  7 से लेकर 15 सितंबर के बीच बिहार की 88 विधानसभा सीटों पर अपना महासम्मेलन भी करवा चुकी है। साथ ही डिजिटल मेंबरशिप से  करीब 5 लाख लोगों को जोड़ भी लिया  गया है।

अन्य पार्टियांः किसी के वॉट्सऐप ग्रुप तो किसी की आईटी टीम तैयार 

  • जहाँ पिछले चुनाव में तीन सीटें जीतने वाली भाकपा (माले) ने भी अब तक करीब 50 हजार वॉट्सऐप ग्रुप बना लिए  हैं और जिससे वह अपनी बात  वोटरों तक पहुंचाने में पूरी तरह लगी है।
  • वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने दिल्ली की एक बड़ी IT प्रोफेशनल टीम को वअपने र्चुअल प्रचार का कार्य दे रखा है। 

अब तक चुनाव प्रचार में क्या रहा ख़ास कैसा था इतिहास  

  • एक तरफ  PM मोदी 6 वर्चुअल रैलियां कर चुके हैं वहीं वे और तीन दर्जन रैलियां करने वाले हैं । इसके साथ ही बीते 7 जून को गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के 72 हजार बूथ कार्यकर्ताओं को वर्चुअल रैली के जरिए संबोधित कर चुके हैं । वहीं  7 सितंबर को CM नीतीश कुमार ने पहली वर्चुअल रैली ‘निश्चय संवाद’ के नाम से लोगों से जुड़े थे। इसी दिन Congress भी अपने एक रैली के वर्चुअल माध्यम से लोगों  से जुडी थी।
  • लेकिन इन सबके बीच जहाँ PM मोदी ने 10 सितंबर को पहली वर्चुअल रैली कर बिहार को एक प्रकार से चुनावी ‘मोड’ में लेकर चले गए हैं। वहीं अपनी चतुरता  दिखाते हुए  योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के बहाने 6 वर्चुअल रैलियां भी निपटा चुके हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस चुनाव में करीब तीन दर्जन वर्चुअल रैलियां करेंगे । वहीं BJP का हर बड़ा नेता अब हर विधानसभा क्षेत्र  में करीब 10 वर्चुअल रैलियां करने का टारगेट पूरा करेगा।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में PM मोदी ने 40 और गृह मंत्री अमित शाह ने 75 से ज्यादा रैलियां की थीं। वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बिहार में PM मोदी ने 9 और  गृह मंत्री अमित शाह ने 18 रैलियों को संबोधित कर चुके थे। अब चाहे जो हो लेकिन इन सब आंकड़ो से यह साफ़ साबित हो रहा है कि बिहार में वर्चुअल ही सहीं लेकिन चुनाव प्रचार अपने पुरे उफान पर है और कोई भी पार्टी इसमें पीछे होता हुआ नहीं दिख रहा है । लेकिन ‘जनता’ तो ‘जनार्दन’ है जो अपना फैसला आने वाले 10 नवम्बर को सुना देगी।