CHIRAG

    नई दिल्ली: बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में चाचा-भतीजे के बीच जारी जंग खत्म नहीं हुई है। दिवंगत रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी टूट गई है। जिसके बाद अब पार्टी के भीतर वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है। चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। जिसके बाद चिराग (Chirag Paswan) ने एक्शन लेते हुए पांचों सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसी बीच चिराग पासवान आज जो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष पुरे मसले पर रखने वाले थे  उसे रद्द करने की खबर है। 

    ज्ञात हो कि इस सियासी घमासान पर पहले चिराग पासवान प्रेस वार्ता करने वाले थे लेकिन अंतिम समय पर उन्होंने इसे रद्द कर दिया है। ऐसे में चिराग का अगला कदम क्या होगा इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। पार्टी में जारी यह घमासान अब और बढ़ गया है। दिल्ली में पशुपति पारस के आवास के बाहर चिराग पासवान के समर्थकों ने प्रदर्शन किया है। 

    वहीं इस प्रदर्शन पर पशुपति पारस ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन होते रहते हैं। इन सब के बीच पारस पटना आ रहे हैं। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि चिराग पासवान के पास पार्टी में से किसी को निकालने का अधिकार नहीं है। लोकसभा में वे पहले ही पार्टी के सदन के नेता हो गए हैं।