राज्यसभा में सिंधिया का कांग्रेस पर प्रहार, बोले- मेरा मुँह मत खुलवाओ, पहले 100 करोड़ की वसूली का हिसाब दो

    नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कांग्रेस (Congress) पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “मेरा मुँह मत खुलवाओ, पहले पिछले तीन चार दिन में महाराष्ट्र में जो 100 करोड़ का आरहा है उसका हिसाब दो।” दरअसल, सिंधिया राज्यसभा (Rajya Sabha) में वित्त विधेयक पर चर्चा कर रहे थे, तभी कांग्रेस और अन्य दलों के सदस्य ने बोलना शुरू कर दिया। सभी ने उनसे पेट्रोल-डीजल के दामों और 15 लाख पर सवाल पूछने लगे। 

    मेरा मुंह मत खुलवाओ, 15 लाख की बात निकाली है तो मैं 100 करोड़ की बात निकलूंगा। पिछले चार-पांच दिन में महाराष्ट्र में जो हो रहा है उसकी रिपोर्ट सब के सामने हैं। पहले 100 करोड़ रुपए का हिसाब दो। वह भी सिर्फ मुंबई क।

    ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यसभा सांसद, भाजपा

    जो G-23 को नहीं समझी, वह जनता को क्या समझेगी 

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “कांग्रेस आज निजीकरण का विरोध कर रही है, लेकिन 2007 में उसने ही यह शुरू किया था।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस का काम केवल विरोध करना ही रह गया है। जिस पार्टी ने G-23 नेताओं नहीं समझी, वह आम जनता की बात क्या समझेगी।”

    अधूरे सपने को पूरा कर रही मोदी सरकार 

    सिंधिया ने कहा, “मोदी सरकार लगातार देश में विकास के काम में लगी हुई है। सरकार जनता के अधूरे सपने को पूरा करने का काम कर ही है। वहीं कांग्रेस ने आपदा को राजनीति लिए इस्तेमाल कर रही है।” उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने कोरोना आपदा को अवसर में बदलने का काम कर रही है। हम दुनिया के 72 देशों को भारत की बनी वैक्सीन निर्यात कर रहे हैं।”

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी बोले 

    भाजपा नेता ने कहा, “पेट्रोल-डीजल पर जितना कर लगता है उसमें सबसे ज्यादा हिस्सा राज्य सरकारों का होता है।” उन्होंने कहा, “पेट्रोलियम पदार्थो से जितना कर आता है उसमें 40 प्रतिशत राज्य सरकारों को मिलता है। वहीं शेष बचे 60 प्रतिशत में से भी कुछ राज्यों को मिलता है। कुल मिलकर केंद्र को पुरे कर का 36 प्रतिशत मिलता है। 

    उन्होंने कहा, “जो लोग आज पेट्रोल की कीमतों की बात कर रहे हैं, उन्हीं के राज्यों में सबसे ज्यादा कर लगता है। महाराष्ट्र में पूरे देश में सबसे ज्यादा टैक्स पेट्रोलियम पदार्थों पर लगता है। इसी लिए विपक्ष को अपने राज्यों में इसपर काम करना चाहिए। ” सिंधिया ने जैसे ही ये बात बोली विपक्षी चिल्लाने लगे जिस पर उन्होंने कहा, “मैं इतना कहना चाहता हूं, जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।”