केंद्र ने एनपीआर को लेकर राज्यों को अधिसूचना की जारी

नई दिल्ली. देश में नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू है. केंद्र सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को लेकर राज्यों को नई अधिसूचना जारी कर दी है. वही

नई दिल्ली. देश में नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू है. केंद्र सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को लेकर राज्यों को नई अधिसूचना जारी कर दी है. वही एनपीआर को फ़िलहाल नही लागु करने की सिफारिश पश्चिम बंगाल और केरल सरकार ने केंद्र सरकार से की है.  नेशनल पापुलेशन रजिस्टर की प्रक्रिया १ अप्रैल से लेकर ३० सितंबर तक चलेगी.

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और केरल की विजयन सरकार ने अधिकारिक तौर पर इसे अपने राज्य में लागु नही करने की घोषणा की है. जिसकी जानकारी रजिस्टार जनरल ऑफ़ इंडिया को मिल चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार इन दो राज्यों को छोड़ कर बाकी सभी राज्यों को अधिसूचना जार कर दी गई है.

नेशनल पापुलेशन रजिस्टर देने होगे यह जानकारीय
एनपीआर में कोई बायोमेट्रिक नहीं मांगा जा रहा है कोई सबूत नहीं मांगा जाएगा. एनपीआर में गणना अधिकारी आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड नंबर, डीएल नंबर यदि हाउसहोल्ड के पास है तो मांगेंगे, सिर्फ जानकारी मांगी जाएगी, कागज नहीं मांगे जाएंगे.

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने जब से नागरिकता कानून को संसद से पास किया है तब से इसका विरोध पुरे देश में शुरू है. इसी के साथ बहुत सी राजनितिक पार्टिया  अब एनपीआर का भी विरोध कर रहे है. उनका कहना है की केंद्र सरकार इसका डाटा एनआरसी( नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन) के लिए इस्तमाल कर सकती है. वही इस विरोध पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए बार बार कहा कि," देश में एनआरसी नही लागु की जा रही है."