Chirag-Paswan

    नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) में हुई दो फाड़ पर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) द्वारा चुप्पी साधने पर एक बार फिर चिराग पासवान (Chirag Paswan) का दर्द छलका है। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए चिराग ने कहा, “मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया, आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे।”

    उन्होंने आगे कहा, “मुझे जितना प्रधानमंत्री के संरक्षण मिलने की जितनी उम्मीद है, वहीं भाजपा नेताओं द्वारा चुप्पी साधने पर उतना ही दुःख है।”

    नाम और चिन्ह दोनों हमारे पास रहेंगे

    पार्टी के सिंबल और अधिकार पर पूछे सवाल पर  चिराग ने कहा, “हम लोगों का पक्ष इतना मजबूत है कि मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि पापा ने जो पार्टी अपने खून-पसीने से बनाई ​थी, उसका नाम और चिन्ह दोनों हमारे पास रहेंगे।”

    भाजपा तय करे वह किसके साथ 

    जमुई के सांसद ने कहा, “मैंने शुरू से स्पष्ट किया कि मेरा गठबंधन BJP के साथ हुआ और मैं आज तक BJP के साथ खड़ा हूं। BJP के हर नीतिगत फैसले का मैंने समर्थन किया जबकि नीतीश जी ने इनके हर फैसले का विरोध किया। अब ये फैसला BJP को लेना है कि वो आने वाले समय में मेरा साथ देते हैं या नीतीश जी का।”

    चुनाव के समय गठबंधन पर फैसला 

    चिराग से एनडीए से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होने के अटकलों पर पासवान ने कहा, “मेरे पिता और लालू जी हमेशा करीबी दोस्त रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव और मैं बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं, हमारी गहरी दोस्ती है, वह मेरा छोटा भाई है। जब बिहार में चुनाव का समय आएगा तब पार्टी गठबंधन पर अंतिम फैसला लेगी।”