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    जम्मू. जहाँ एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) की राज्यसभा से विदाई और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के ‘उत्तर-दक्षिण’ वाले राजनितिक बयान के उपरान्त आज पार्टी के सीनियर नेता जम्मू (Jammu) में जुट रहे हैं। वहीं इधर  दूसरी तरफ राहुल गांधी आज से अपने चुनावी दौरे हेतु तमिलनाडु के ओर कूच कर रहे हैं।

    राहुल और कांग्रेस से नाराज है जी-23:

    गौरतलब है कि कांग्रेस के आला नेता राहुल गांधी की उत्तर-दक्षिण से जुड़ी विवादस्पद टिप्पणी और जी-23 गुट की लगातार अनदेखी से अब पार्टी के भीतर गहरा असंतोष व्याप्त है। जिक्स तहत अब यह नेता जम्मू में आज जी-23 गुट के रूप में अपनी ताकत दिखाने के साथ ही पार्टी नेतृत्व को एक कड़ा संदेश देंगे। इसके लिए उत्तर भारत से जुड़े कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के साथ आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल व राज बब्बर यहां पहले ही पहुंच चुके हैं। वहीं शनिवार को विवेक तन्खा के साथ ही हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी आदि नेता आज यहां पहुँच जायेंगे। वहीँ अब सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी हाईकमान को भी जी-23 के इस बैठक का पता है। वह भी बैठक पर अब अपनी निगाहें लगाए हुए है।

    कहाँ है बैठक:

    उधर मीडिया की खबरों के मुताबिक जी-23 गुट के सदस्यों की बैठक राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता रह चुके गुलाम नबी आजाद के निजी आवास पर हो सकती है। यही नहीं इन सदस्यों को आजाद के आवास पर ही बुलाया गया है। जी-23 की इस अहम् बैठक में कांग्रेस में लोकतंत्र बहाल करने के जरुरी मुद्दे पर भी आज चर्चा होनी है। बताया जा रहा है कि यह बैठक एक तरह से राहुल गांधी के बयान से उठे नाराजगी के तौर पर है। आज की इस बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक सम्पूर्ण भारत देश एक है। एक यही संदेश आज पूरे देश को देने की कोशिश की जाएगी।उधर समूह के सदस्यों का यह भी कहना है कि कांग्रेस में इन दिनों जो कुछ भी घटित हो रहा है वह पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस कार्यसमिति में लिए गए फैसलों का खुलेआम उल्लंघन है जो कि पार्टी हित में नहीं। 

    क्या कहा था राहुल गांधी ने:

    गौरतलब है कि तिरुवनंतपुरम में पिछले दिनों राहुल गाँधी ने यह कहा था कि वे 15 साल से उत्तर से सांसद हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल दूसरे तरह की राजनीति के लिए किया गया। लेकिन जब वे केरल पहुंचे  तो यहाँ उन्होंने देखा कि यहां लोग के स्थानीय लोग अहम मुद्दों के प्रति रुचि रखते हैं और इसकी तह तक भी जाते हैं। अब राहुल गाँधी के इसी बयां के चलते बीजेपी ने उन पर और कांग्रेस पार्टी पर देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर बांटने का आरोप लगाया था।

    आजाद के साथ पार्टी व्यवहार से भी नाराजगी:

    बता दें कि राज्यसभा से सेवानिवृत्त गुलाम नबी आजाद के साथ पार्टी की ओर से किए गए कथित व्यवहार से भी जी-23 से जुड़े लोग खासे नाराज हैं। इन लोगों का कहना है कि है कि इतने वर्षों तक कांग्रेस में रहने के बाद भी कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया। जहाँ प्रधानमंत्री मोदी तक ने उन्हें खड़े होकर सम्मान दिया लेकिन यहाँ अपनी पार्टी ने ही उनके प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया। हाँ लेकिन यह जरुर हुआ है कि राबर्ट वाड्रा का केस लड़ रहे एक वकील को राज्यसभा का सदस्य जरुर बना दिया गया है। वहीं मल्लिकार्जुन खडगे को राज्यसभा में विपक्ष का नेता एनी जी-23 के वरिष्ठ और सम्मानीय सदस्यों की अनदेखी करते हुए बना दिया गया।जिससे भी जी-23 के के नेता खासे कुपित दिख रहे हैं। अब आज होने वाली इस जी-23 के बैठक में कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों की भी नजरें लगी रहेंगी।