SoniaGandhi

नयी दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने कृषि संबंधी कानूनों (Agriculture Law) के खिलाफ सोमवार को विभिन्न राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन किया। साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress President Sonia Gandhi) ने पार्टी शासित प्रदेशों की सरकारों से कहा कि वे इन कानूनों को निष्प्रभावी करने के मकसद से अपने यहां कानून पारित करने की संभावनाओं पर विचार करें। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सोनिया ने कांग्रेस शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे संविधान के अनुच्छेद 254 (ए) के तहत कानून पारित करने के संदर्भ में गौर करें।

वेणुगोपाल ने कहा कि यह अनुच्छेद इन ‘कृषि विरोधी एवं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल देने वाले’ केंद्रीय कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य विधानसभाओं को कानून पारित करने का अधिकार देता है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में कांग्रेस की सरकारें हैं। महाराष्ट्र और झारखंड में वह गठबंधन सरकार का हिस्सा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि संबंधी कानूनों को लेकर सोमवार को सरकार पर फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि किसानों की आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। उन्होंने राज्यसभा में इन विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान हुए हंगामे से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘कृषि संबंधी कानून हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान हैं। उनकी आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। यहां इस बात का सबूत है कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ‘‘शहीद भगत सिंह ने कहा था कि शोषण करने वाली व्यवस्था पूंजीपतियों के फायदे के लिए किसानों मजदूरों का हक छीनती है। भाजपा सरकार अपने खरबपति मित्रों के लिए किसानों की एमएसपी का हक छीनकर उन्हें बंधुआ खेती में धकेल रही है। किसान विरोधी बिलों के खिलाफ संघर्ष ही भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि है।” पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार नए कृषि कानूनों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।

अमरिंदर, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने इन कानूनों के खिलाफ धरना भी दिया। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिये हल्का बल प्रयोग किया और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी की। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुताबिक, कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और लखनऊ जिला कांग्रेस के अध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी को उनके घर पर नजरबंद किया गया।

दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में विधानभवन की ओर बड़ी संख्या में कूच कर रहे कार्यकर्ताओं को परिवर्तन चौक पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम उन्हें रिहा किया गया। कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार की अगुवाई में पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कानूनों के खिलाफ यहां राजघाट पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में इन्हें रिहा कर दिया गया। दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इन कानूनों का विरोध करते हुए इंडिया गेट के निकट एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। इस संदर्भ में संगठन के पांच कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। देश के कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। (एजेंसी)